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महाराष्ट्र में हो क्या रहा है? 'डूबो डूबोकर मारेंगे', अब कांग्रेस नेता ने कहा-'ईंट का जवाब पत्थर से दो, क्योंकि...'

 Reported By: Yogendra Tiwari Edited By: Kajal Kumari
 Published : Jul 19, 2025 05:03 pm IST,  Updated : Jul 19, 2025 05:12 pm IST

महाराष्ट्र में भाषा विवाद अब चरम पर है, राज ठाकरे ने निशिकांत दुबे को डुबो डुबोकर मारने की बात कही, तो वहीं अब कांग्रेस नेता ने कहा कि ईंट का जवाब पत्थर से दो, क्योंकि ईंट से दो और पत्थर से मारने पर चार टांके लगेंगे।

कांग्रेस नेता का अजीबोगरीब बयान- India TV Hindi
कांग्रेस नेता का अजीबोगरीब बयान Image Source : REPORTER IMAGE

महाराष्ट्र में हिंदी भाषा का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे को राज ठाकरे ने जवाब देते हुए कहा है कि दुबे को मुंबई के समंदर में डूबो डुबो के मारेंगे। राज ठाकरे और निशिकांत दुबे के बीच चल रहे अब इस विवाद में कांग्रेस के नेता विजय वडेट्टीवार भी कूद पड़े हैं। इतना ही नहीं उन्होंने ये तक कह दिया कि ईंट का जवाब पत्थर से दो, इसकी वजह बताते हुए कहा कि ईंट से जवाब देने से दो टांके, जबकि पत्थर से जवाब देने से चार टांके लगेंगे।

कांग्रेस नेता का अजब गजब बयान

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा, तुमने बोला हमने बोला, हमने बोला, फिर तुमने बोला तो हिसाब बराबर हुआ ना। हम हिंदी भाषा के विरोधी नहीं है। हिंदी पर पहले तो सख्ती नहीं होनी चाहिए, महाराष्ट्र सभी भाषाओं का सम्मान करता है। निशिकांत दूबे ने जो बकवास की उसका जवाब देना चाहिए, ऐसा राज ठाकरे को लगा होगा, इसलिए उन्होंने ईंट का जवाब पत्थर से दिया। लेकिन ईंट से जवाब देने से ईंट से दो और पत्थर से जवाब देने से चार टांके लगेंगे। ऐसे में दोनों घायल होंगे और दोनों को नुकसान होगा। हमारी लड़ाई हिन्दी भाषा से नहीं, जिस सरकार ने हिंदी भाषा लाई, उससे हमारी लड़ाई है।

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कांग्रेस नेता ने लगाया आरोप

कांग्रेस विधायक वडेट्टीवार ने कहा, महाराष्ट्र में स्थानीय चुनावों की घोषणा होने में कुछ महीने ही बाकी हैं और इससे पहले महाराष्ट्र में मराठी विरुद्ध हिंदी भाषा का मुद्दा उठाया जा रहा है। ये मुद्दा जान बूझकर भाजपा ने उठाया है, हिन्दू वोटों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए ये सब किया गया था, ताकी मराठी वोटों में विभाजन हो और भाजपा को फायदा मिले। भाजपा की यही मंशा थी जिसमें वो सफल हुई है। मराठी विरुद्ध हिंदी हो गई, मराठी वोटों के अनेक हिस्सेदार हैं। इस ट्रैप में कौन फंसेगा, किसे फायदा होगा ये भविष्य में पता चलेगा।

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