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'तो 1 मिनट में सीधे हो जाएंगे', बेटे-बेटियों और पत्नी के लिए टिकट मांगने वालों पर भड़के नितिन गडकरी

 Reported By: Yogendra Tiwari Edited By: Khushbu Rawal
 Published : Sep 20, 2024 03:47 pm IST,  Updated : Sep 20, 2024 03:54 pm IST

नितिन गडकरी ने परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति पर खुलकर ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा, हमारी संस्कृति में कहा गया है वसुदेव कुटुंबकम, विश्व का कल्याण हो। हमारी संस्कृति में यह नहीं कहा गया है कि पहले मेरा कल्याण हो, पहले मेरे बेटे का कल्याण हो।

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी Image Source : FILE PHOTO

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भाई-भतीजावाद, परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति पर तीखा हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री ने आज नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ''राजनीति में कुछ लोग ऐसे बोलते हैं कि पहले मेरे बेटे का कल्याण करो, उसे टिकट दो। कुछ भी होगा तो चलेगा मेरे बेटे को टिकट दो, मेरी पत्नी को टिकट दो। यह क्यों चल रहा है?''

गडकरी ने आगे कहा, ''यह इसलिए चल रहा है क्योंकि लोग उनको वोट देते हैं। जिस दिन लोगों ने ठान लिया कि इसे वोट नहीं करना तो, 1 मिनट में ये सीधे हो जाएंगे। अपनी काबिलियत साबित करनी चाहिए।''

बेटे के लिए टिकट मांगने वालों को केंद्रीय मंत्री ने दिया जवाब

गडकरी ने कहा, हमारी संस्कृति में कहा गया है वसुदेव कुटुंबकम, विश्व का कल्याण हो। हमारी संस्कृति में यह नहीं कहा गया है कि पहले मेरा कल्याण हो, पहले मेरे बेटे का कल्याण हो, मेरे दोस्तों का कल्याण हो। राजनीति में कुछ लोग ऐसा बोलते हैं कि पहले मेरे बेटे का कल्याण हो। बता दें कि केंद्रीय मंत्री गडकरी आज नागपुर में श्री विश्व व्याख्यान माला 2024 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

'जो करेगा जात की बात, उसको कस के मारूंगा लात'

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''मैं 45 सालों से राजनीति में हूं। मैं किसी के गले में हार नहीं डालता। 45 वर्षों में मेरे स्वागत के लिए कोई आता नहीं है, कोई छोड़ने नहीं जाता। मैं हरदम बोलता हूं कि कुत्ते भी नहीं आते लेकिन अब कुत्ते आने लग गए हैं, क्योंकि Z प्लस सुरक्षा होने की वजह से मेरे से पहले कुत्ता आता है। मैं पोस्टर भी नहीं लगवाता, बैनर भी नहीं लगवाता। लोगों को भी कहा है वोट देना तो वोट दीजिए, नहीं देना तो मत दीजिए। दोगे तो भी काम तुम्हारा करूंगा, नहीं दोगे तो भी तुम्हारा काम करूंगा। जातिवाद का नाम करोगे तो मेरे यहां नहीं आना। मैंने पब्लिकली कहा है कि जो करेगा जात की बात, उसको कस के मारूंगा लात। मुझे कुछ फर्क नहीं पड़ा, वोट देने वालों ने वोट दिया।''

बता दें कि इससे पहले भी नितिन गडकरी परिवारवाद की राजनीति पर ऐतराज जता चुके हैं। अप्रैल 2024 में परिवारवाद पर गडकरी ने कहा था कि पिता और माता द्वारा टिकट मांगना गलत है। बेटे-बेटी का सियासत में आना गलत नहीं है।  

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