दिसंबर 2025 में बेरोजगारी दर में बढ़ोतरी हुई है, जबकि श्रमिक जनसंख्या अनुपात और श्रम बल भागीदारी दर में धीरे-धीरे सुधार देखा गया, खासकर ग्रामीण और महिला श्रमिक वर्ग में।
सरकारी बयान के अनुसार, कुल मिलाकर ये आंकड़े मजबूत श्रम बाजार की स्थितियों का संकेत देते हैं, जिन्हें ग्रामीण रोजगार और महिला भागीदारी में बढ़ोतरी और शहरी श्रम मांग में क्रमिक सुधार का समर्थन मिला है।
वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर एक वीडियो पोस्ट की गई है। इस पोस्ट में बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत सभी 10वीं पास बेरोजगारों को हर महीने 3500 रुपये का भत्ता दिए जाने का दावा किया जा रहा है।
ताजा सर्वे के मुताबिक, पिछले महीने पुरुषों में बेरोजगारी दर 5.6 प्रतिशत रही, जबकि महिलाओं में थोड़ी अधिक 5.8 प्रतिशत थी।
वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS) में इकट्ठा किए गए आंकड़ों से पता चला है कि अप्रैल, 2025 के दौरान प्रत्येक आयु वर्ग के लोगों की बेरोजगारी दर 5.1 प्रतिशत रही।
शहरी क्षेत्रों में महिलाओं (15 वर्ष और उससे अधिक आयु) के बीच बेरोजगारी दर अक्टूबर-दिसंबर 2024 में घटकर 8.1 प्रतिशत हो गई, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 8.6 प्रतिशत थी।
शहरी क्षेत्रों में महिलाओं (15 वर्ष और उससे अधिक आयु) में बेरोजगारी दर अप्रैल-जून, 2024 में नौ प्रतिशत रही, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 9.1 प्रतिशत थी। यह दर जनवरी-मार्च, 2024 में 8.5 प्रतिशत थी।
अमेरिका द्वारा जारी किए गए आर्थिक आंकड़ों के बाद मंदी का जोखिम बढ़ने की संभावना गहरा गई है। जिसकी वजह से निवेशक शेयर बेचकर पैसा निकाल रहे हैं।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के ताजा आंकड़े बताते हैं कि शहरी क्षेत्रों में महिला बेरोजगारी दर जनवरी-मार्च 2023 में 9.2 प्रतिशत से घटकर जनवरी-मार्च 2024 में 8.5 प्रतिशत हो गई है।
Unemployment rate : भारत में लेबर की स्किल और बाजार में पैदा हो रही नौकरियों के बीच काफी मिसमैच है। रुझान बताते हैं कि भारत की खराब स्कूली शिक्षा समय के साथ उसकी आर्थिक संभावनाओं को बाधित करेगी।
श्रमबल जनसंख्या का वह समूह है जो वस्तुओं एवं सेवाओं के उत्पादन के लिए आर्थिक गतिविधियां तेज करने को श्रम की आपूर्ति करता है या आपूर्ति करने की पेशकश करता है।
अरविंद पनगढ़िया ने कहा कि मेरे विचार में बेरोजगारी वास्तव में भारत की समस्या नहीं है। हमारी समस्या अल्प-रोजगार है, इसलिए उत्पादकता कम है। ऐसे में जो काम एक व्यक्ति कर सकता है, वह अक्सर दो लोगों या शायद तीन लोगों द्वारा किया जाता है।
Unemployment rate in India : पुरुषों के लिए बेरोजगारी दर अक्टूबर-दिसंबर, 2022 के 6.5 प्रतिशत से घटकर अक्टूबर-दिसंबर, 2023 में 5.8 प्रतिशत रह गई। महिलाओं के लिए बेरोजगारी की दर 9.6 प्रतिशत से घटकर 8.6 प्रतिशत रह गई।
साल 2023 कोरोना महामारी के बाद से आम आदमी के लिए एक सबसे बढ़िया साल रहा है। सब्जियों की महंगाई को छोड़ दें, तो यह साल आम आदमी के लिए अच्छा रहा। इस साल बेरोजगारी दर में कमी आई है। काम-धंधे अच्छे चले, तो जीडीपी ग्रोथ भी अनुमान से अधिक रही।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सिर्फ पिछले आठ सालों में, भारत साल 2014 में 10वीं से आज पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। गतिविधियां पूरी अर्थव्यवस्था में हैं। ऐसा नहीं है कि एक क्षेत्र अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।
देश तेजी से विकास कर रहा है लेकिन बेरोजगारी की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो रहा है। अभी भी कई राज्यों में बेरोजगारी चरम पर है। एनएसएसओ के तजा आंकड़ों से इसकी जानकारी मिली है।
त्योहारी सीजन में युवाओं के लिए एक और अच्छी खबर आई है। देश में बेरोजगारी दर छह साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है। यानी रोजगार के अवसर बढ़ने से बेरोजगारी घटी है। जानकारों का कहना है कि त्योहारी सीजन में रोजगार के और मौके बनेंगे। इससे बेरोजगारी दर में और गिरावट की उम्मीद है।
जून में, चीन के शहरी क्षेत्रों में 16 से 24 वर्ष के युवाओं की बेरोजगारी दर 20 प्रतिशत से अधिक की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई।
उन्होंने कहा कि अप्रैल की तुलना में मई में श्रम भागीदारी दर (एलपीआर) 1.1 प्रतिशत घटकर 39.6 प्रतिशत रह गई। उन्होंने आगे कहा, ''मई में एलपीआर में इस गिरावट की उम्मीद थी, क्योंकि अप्रैल में बड़ी संख्या में लोगों ने श्रम बल में प्रवेश किया था।
बेरोजगारी दर पिछले साल जनवरी-मार्च तिमाही में सबसे ज्यादा थी। इसका मुख्य कारण देश में कोविड संबंधित बाधाएं थी। सर्वेक्षण के अनुसार, बेरोजगारी दर पिछले साल जुलाई-सितंबर और अक्टूबर-दिसंबर में 7.2 प्रतिशत थी।
लेटेस्ट न्यूज़