कटरा और श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को जम्मू तवी तक बढ़ा दिया गया है। इस फैसले से जम्मू से श्रीनगर का सफर 5 घंटे से भी कम समय में पूरा होगा। लंबे समय से स्थानीय लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों की यह मांग थी कि जम्मू को सीधे घाटी से जोड़ा जाए।
रेल मंत्रालय की यह पहल दक्षिण और पश्चिम भारत के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। अगर प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो बेंगलुरु और गोवा के बीच यात्रा पहले से अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।
देश की सबसे आधुनिक और तेज रफ्तार ट्रेन मानी जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक तरफ रेलवे लगातार नए रूट पर वंदे भारत ट्रेनें शुरू कर रहा है, वहीं दूसरी ओर दो रूट पर इन ट्रेनों को बंद करने का फैसला लिया गया है।
उत्तर पश्चिम रेलवे ने एक बयान में कहा कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड ने उदयपुर सिटी–असारवा (अहमदाबाद) वंदे भारत ट्रेन को मंजूरी दी है।
पश्चिम बंगाल और असम दोनों राज्यों के स्थानीय व्यंजनों में मछली और मांस सहित मांसाहारी व्यंजनों की प्रमुख भूमिका है।
रेलवे के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-II ट्रेनों में यात्रियों को कन्फर्म बर्थ की गारंटी दी जाती है। इसी वजह से टिकट कैंसिल होने पर रेलवे को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए कैंसिलेशन चार्ज ज्यादा रखा गया है।
भारतीय रेलवे की नई पेशकश वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने लॉन्च होते ही यात्रियों के दिलों में खास जगह बना ली है। जिस ट्रेन को देश की पहली अत्याधुनिक शयनयान वंदे भारत के तौर पर पेश किया गया, उसकी पहली ही व्यावसायिक यात्रा जबरदस्त हिट साबित हुई।
16 डिब्बों वाली इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 823 सीटें हैं। इसमें फर्स्ट एसी का 1, सेकेंड एसी के 4 और थर्ड एसी के 11 डिब्बे हैं।
कामाख्या से हावड़ा के बीच कुल 966 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में आधुनिक और आरामदायक सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं, ताकि आपका सफर एक शानदार सफर बन सके।
भारतीय रेलवे के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलेगी। आइए जानते हैं इस ट्रेन का टाइम टेबल और स्टॉपेज।
भारतीय रेल के इतिहास में आज का दिन बेहद ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन यात्रियों को तेज रफ्तार के साथ लग्जरी स्लीपर बर्थ, फ्री फूड, हाई-स्पीड Wi-Fi और आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं का एक्सपीरिएंस देगी।
जिस सफर में अब तक लंबा वक्त, थकान और भीड़ बड़ी चुनौती रही है, वहीं अब उसी सफर को तेज, आरामदायक और बराबरी के अनुभव में बदलने के लिए देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पटरी पर उतरने जा रही है। पीएम नरेंद्र मोदी आज पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।
पूरी तरह वातानुकूलित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों को किफायती किराए पर विमान जैसी सुविधाओं का अनुभव देगी। प्रधानमंत्री 17-18 जनवरी को पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे।
लंबे इंतजार के बाद देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अब हावड़ा-गुवाहाटी (कामाख्या) रूट पर दौड़ने के लिए तैयार है। रेलवे ने इस ट्रेन को हफ्ते में 6 दिन चलाने का फैसला किया है और इसका उद्घाटन स्पेशन ट्रेन का पूरा शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में आम लोगों की सुविधा पर खास ध्यान दिया जाएगा। इस ट्रेन में VIP या इमरजेंसी कोटा नहीं चलेगा।
आगामी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग प्रणाली में बड़ा बदलाव लेकर आ रही है। इस ट्रेन में RAC (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन) की सुविधा नहीं होगी। अगले सप्ताह गुवाहाटी–हावड़ा रूट पर देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का परिचालन शुरू होगा।
कामाख्या जंक्शन रेलवे स्टेशन, असम के गुवाहाटी शहर में ही स्थित है। कामाख्या जंक्शन रेलवे स्टेशन, गुवाहाटी रेलवे स्टेशन के बोझ को कम करने में अहम भूमिका निभाता है।
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शनिवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसका निरीक्षण किया। यह ट्रेन न सिर्फ तकनीक के मामले में आगे है, बल्कि यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और आराम को ध्यान में रखकर इसे पूरी तरह नए अंदाज में डिजाइन किया गया है।
भारतीय रेल के सफर में एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत होने जा रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर सबसे बड़ा और आधिकारिक ऐलान कर दिया है। इस आधुनिक ट्रेन के लिए गुवाहाटी-कोलकाता (हावड़ा) रूट चुना गया है, जिसे पीएम मोदी हरी झंडी दिखाएंगे।
स्थानीय व्यंजन शुरू करने से यात्रियों का अनुभव काफी बेहतर होगा क्योंकि इससे यात्रा के दौरान मिलने वाले खाने में उस क्षेत्र की संस्कृति और स्वाद की झलक मिलेगी।
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