राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में जर्जर हो चुकी पुरानी स्कूल की छत शुक्रवार को गिर गई। हादसे में 7 बच्चों की मौत हो गई जबकि कई बच्चे घायल हुए हैं। ग्रामीणों ने कई बार स्कूल की मरम्मत के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवाया लेकिन स्कूल की मरम्मत नहीं कराई हई। लेकिन जब आज ऐसी घटना घट गई तो उसके बाद नेताओं और मंत्रियों के आने के लिए झालावाड़ अस्पताल के रोड को तुरंत बनाना शुरू कर दिया।
ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि जब ग्रामीण स्कूल की बिल्डिंग की मरम्मत की मांग बरसों से करते आ रहे थे। उनकी मांग को पूरा नहीं किया किया गया लेकिन झालावाड़ अस्पताल में जब घायल बच्चे पहुंचे तो हाल पूछने के लिए नेता व मंत्रियों के आने के लिए प्रशासन ने रोड की मरम्मत करना शुरू कर दिया।
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पूर्व CM वसुंधरा ने शिक्षा विभाग पर उठाए सवाल
हादसे की सूचना मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे झालावाड़ पहुंची और जिला अस्पताल में भर्ती घायल बच्चों से मुलाकात की। पूर्व सीएम पीड़ित परिजनों को हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा जताया। इस दौरान वसुंधरा मीडिया से रूबरू होते हुए राज्य के शिक्षा विभाग पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा विभाग प्रदेश के ऐसे स्कूलों को पहले ही चिन्हित कर लेता और बच्चों को अन्यत्र सुरक्षित भवन में शिफ्ट कर देता तो हमारे ये बच्चे काल का ग्रास नहीं बनते। उन्होंने कहा कि बहुत ही दर्दनाक घटना है। हमारे परिवार के 7 स्कूली बच्चों को भगवान ने हमसे छीन लिया। इस हादसे में 28 बच्चे घायल हो गए। जैसे ही मुझे इस घटना की जानकारी मिली। मुझे बहुत आघात लगा। मैं और झालावाड़-बारां के सांसद दुष्यंत सिंह तत्काल दिल्ली से यहां के लिए रवाना हो गए।
पांच टीचर सस्पेंड
वहीं, सरकारी स्कूल की छत गिरने के मामले में सरकार ने पांच शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया है। इमारत की छत गिरने के बाद लापरवाही बरतने के आरोप में शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया। इस घटना में 15 छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से आठ की हालत ज्यादा नाजुक हैं। उन्हें झालावाड़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
(रिपोर्ट- अनीस आलम)