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Ravan Dahan Time 2025: दशहरा पर रावण दहन का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा?

Written By: Laveena Sharma @laveena1693 Published : Sep 30, 2025 01:16 pm IST, Updated : Oct 02, 2025 06:23 am IST

Dussehra 2025 Ravan Dahan Time: दशहरा पर्व को विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है। इस साल ये त्योहार 2 अक्टूबर 2025 को गांधी जयंती के दिन मनाया जाएगा। दशहरा के दिन रावण दहन की परंपरा निभाई जाती है। चलिए आपको बताते हैं इस साल दशहरा पूजा और रावण दहन का मुहूर्त क्या रहने वाला है।

ravan dahan muhurat- India TV Hindi
Image Source : PTI रावण दहन मुहूर्त 2025

Dussehra 2025 Ravan Dahan Time: भारत में दशहरा पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस साल ये पावन त्योहार 2 अक्तूबर 2025 को मनाया जाएगा। पंचांग अनुसार आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को भगवान राम ने राक्षस रावण का वध किया था। इसलिए हर साल इस दिन को दशहरा और विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है। दशहरा के दिन कई जगह पर आयुध पूजा भी की जाती है। तो वहीं जगह-जगह पर रावण के पुतलों का दहन भी किया जाता है। चलिए आपको बताते हैं दशहरा पूजा का मुहूर्त क्या रहेगा और रावण कब जलेगा।

दशहरा पूजा मुहूर्त 2025 (Dussehra 2025 Puja Muhurat)

  • दशहरा- 2 अक्टूबर 2025, गुरुवार
  • विजय मुहूर्त - 02:27 पी एम से 03:15 पी एम
  • अपराह्न पूजा का समय - 01:39 पी एम से 04:03 पी एम
  • दशमी तिथि प्रारम्भ - 01 अक्टूबर 2025 को 07:01 पी एम बजे
  • दशमी तिथि समाप्त - 02 अक्टूबर 2025 को 07:10 पी एम बजे
  • श्रवण नक्षत्र प्रारम्भ - 02 अक्टूबर 2025 को 09:13 ए एम बजे
  • श्रवण नक्षत्र समाप्त - 03 अक्टूबर 2025 को 09:34 ए एम बजे

रावण दहन मुहूर्त 2025 (Ravan Dahan Muhurat 2025)

दशहरा के दिन रावण दहन प्रदोष काल में किया जाता है। प्रदोष काल का समय सूर्यास्त के बाद शुरू होता है और इस दिन सूर्यास्त का समय शाम 6 बजकर 26 मिनट का है और इसी के बाद से रावण दहन भी शुरू हो जाएगा।

भारत में दशहरा कैसे मनाते हैं? (Dussehra Kaise Manate Hai)

भारत में दशहरा के दिन शाम में रावण उसके भाई कुंभकरण और पुत्र मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। इस दौरान भव्य आतिशबाजी होती है। ये रामलीला का अंतिम दिन होता है। रावण दहने के बाद लोगों के माथे पर लाल या काला टीका लगाया जाता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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