1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Holashtak 2025: होली से पहले इस दिन है होलाष्टक, जानें क्या करना रहेगा शुभ और अशुभ

Holashtak 2025: होली से पहले इस दिन है होलाष्टक, जानें क्या करना रहेगा शुभ और अशुभ

 Published : Feb 06, 2025 02:00 pm IST,  Updated : Feb 06, 2025 02:44 pm IST

माना जाता है कि होलाष्टक के दिनों में भक्त प्रह्लाद को काफी कष्ट झेलने पड़े थे, इस कारण इन दिनों में ग्रह-नक्षत्र काफी उग्र हो जाते हैं और वे शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर शांत होते हैं।

holi- India TV Hindi
होलाष्टक Image Source : FREEPIK

Holashtak 2025 Dates: फाल्गुन मास शुरू होने वाला है, ऐसे में होली के पावन पर्व का उल्लास नजर आने लगता है। हिंदू धर्म में फाल्गुन माह को बसंत माह भी कहा जाता है। इस माह में फिजाओं में हरियाली भरी रहती है, साथ ही जनमानस में भी होली के रंग बिखरने लगते हैं। इस बार होली का पर्व 14 मार्च को मनाई जाएगी, लेकिन इससे 8 दिन पहले होलाष्टक शुरू हो जाता है। माना जाता है कि इन दिनों कुछ कार्य किसी भी परिस्थिति में नहीं करने चाहिए आइए जानते हैं क्या?

कब है होली व होलिका दहन?

13 मार्च की सुबह 10.25 बजे से शुक्ल पक्ष पूर्णिमा की तिथि आरंभ हो रही है, जो अगले दिन 14 मार्च दोपहर 12.13 बजे तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि के महत्व के कारण 13 मार्च को होलिका दहन होगा। याद रहे कि इसी दिन भद्रा भी लग रहा है, जो सुबह 10.35 से 11.26 बजे तक रहेगी। इस कारण होलिका दहन 11.26 बजे के बाद किया जा सकेगा। इसका शुभ मुहूर्त रात को 11.26 से लेकर 12.30 बजे तक रहेगा। वहीं, इसके अगले दिन यानी 14 मार्च को रंगों की होली मनाई जाएगी।

क्या करना चाहिए?

ज्यातिष शास्त्र के मुताबिक, होलाष्टक पर कई ग्रह अपना उग्र रूप धारण कर लेते हैं। फाल्गुन मास की अष्टमी तिथि को चंद्रमा, नवमी को सूर्य, दशमी को शनि, एकादशी को शुक्र, द्वादशी को गुरु, त्रयोदशी पर बुध, चतुर्दशी पर मंगल और पूर्णिमा तिथि पर राहु उग्र स्थिति में हो जाते हैं। इसी कारण इन दिनों में भगवान के नाम का जप करते रहना चाहिए, जितना हो सके देवी-देवता का पूजा-पाठ और दान करना चाहिए। इन दिनों में आप किसी पंडित की मदद से ग्रहदशा शांत करने के लिए उपाय कर सकते हैं।

क्या नहीं करना चाहिए?

ज्योतिषियों की मानें तो होलाष्टक के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करने चाहिए। इन दिनों में ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव रहता है, इस कारण इन दिनों में शादी, सगाई, कंछेदन, ग्रह प्रवेश आदि नहीं करने चाहिए। शास्त्रों की मानें तो इन्हीं दिनों में श्रीहरि के भक्त प्रह्लाद को हिरण्यकश्यप ने कई यातनाएं दी थीं, जिसकी वजह से इन दिनों को बहुत कष्टकारी माना जाता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें:

फरवरी में शनि इस दिन होंगे अस्त, 3 राशियों के अच्छे दिन होंगे शुरू

बुध ग्रह का 22 फरवरी से हो रहा उदय, जानिए किन राशियों के बदलने वाले हैं दिन

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म