रक्षाबंधन का त्योहार सावन पूर्णिमा पर पूरे देश भर में मनाया जा रहा है। साल 2025 में राखी के दिन भद्राकाल भी नहीं है इसलिए राखी बांधने के लिए राहुकाल को छोड़कर पूरे दिन को ही शुभ माना जा रहा है। 9 अगस्त की सुबह से ही शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएगा और भाई-बहन राखी के पवित्र त्योहार को मनाएंगे। हालांकि, कई भाई इस दौरान दूर रहने के कारण अपनी बहनों से नहीं मिल पाते। ऐसे में बहनें भाइयों के लिए डाक के द्वारा या ऑनलाइन राखी भिजवाती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि बहन के द्वारा भेजी गई राखी को बहन की अनुपस्थिति में किसके द्वारा बंधवाना चाहिए? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
अगर आप अपनी बहन से राखी पर नहीं मिल पा रहे हैं तो बहन के द्वारा भेजी गई राखी आप अपनी चचेरी या ममेरी बहनों से राखी बंधवा सकते हैं। वहीं जो लोग अपने परिवार से दूर कहीं रहते हैं जहां उनके जानने वाला कोई नहीं है तो उन्हें किसी ऐसी महिला या कन्या से राखी बंधवानी चाहिए जिसे वो अपनी बहन के समान मानते हों। अगर ऐसा भी संभव न हो तो अपने गुरु से भी आप राखी बंधवा सकते हैं। अगर गुरु भी आसपास न हों तो किसी मंदिर में जाकर मंदिर के पुजारी से राखी बंधवाना भी शुभ माना जाता है। बहन की अनुपस्थिति में किसी अन्य से राखी बंधवाते वक्त आप बहन को फोन या वीडियो कॉल कर सकते हैं। ऐसा करने से बहन के पास होने का अहसास आपको होगा और भाई-बहन के रिश्ते में स्नेह और प्रेम बना रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राखी को भाई 24 घंटे पहनने के बाद उतार सकता है। उतारने के बाद राखी को किसी पवित्र स्थान पर रखना चाहिए या फिर किसी नदी में बहा देना चाहिए। कुछ लोग कृष्ण जन्माष्टमी के दिन को राखी उतारने के लिए बेहद शुभ मानते हैं। अगर जन्माष्टमी पर राखी न उतार पाएं तो दशहरे का दिन भी राखी उतारने के लिए शुभ माना जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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