Shani Sade Sati 2026: शनि साढ़ेसाती के तीन चरण होते हैं जिनमें से इसका दूसरा चरण सबसे कष्टदायी माना जाता है। शनि गोचर के दौरान जिस राशि में विराजमान होते हैं उसी राशि पर शनि का सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में शनि साढ़े साती को जीवन की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इस समय शनि व्यक्ति के धैर्य, कर्म और आत्मबल की कड़ी परीक्षा लेते हैं। साथ ही व्यक्ति को उसके कर्मों का अच्छा-बुरा फल देते हैं। साल 2026 में मीन वालों पर साढ़ेसाती का सबसे मुश्किल चरण रहने वाला है। इस दौरान इस राशि के लोगों को करियर, सेहत और आर्थिक मामलों तीनों पर ही विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी।
2026 में मीन राशि वालों पर रहेगा शनि साढ़ेसाती का सबसे कष्टदायी चरण
नए साल में मीन राशि वालों पर शनि साढ़ेसाती का सबसे कष्टदायी चरण रहने के कारण कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। काम में रुकावटें और देरी हो सकती है। मेहनत ज्यादा और परिणाम कम मिलने की उम्मीद है। जिससे आप काफी परेशान हो सकते हैं। लेकिन इस समय आपको धैर्य से काम लेना होगा। वाणी में भी मधुरता बनाकर रखनी होगी नहीं तो नुकसान हो सकता है। वरिष्ठों से मतभेद हो सकता है। ऑफिस पॉलिटिक्स से तनाव में रहेंगे। नौकरी बदलने की सोच सकते हैं लेकिन इस काम में जल्दबाजी नुकसानदेह साबित होगी।
क्या बरतें सावधानी?
- धैर्य रखें, नियमों का पालन करें और किसी भी तरह का शॉर्टकट लेने से बचें।
- निवेश सोच-समझकर करें।
- उधार देने से बचें।
- बजट बनाकर खर्च करें।
- स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। नींद अच्छी लें।
- नई बीमारियां उभर सकती हैं जिसे नजरअंदाज न करें।
- मानसिक तनाव से बचने के लिए प्राणायाम और ध्यान करें।
- रिश्तों में दूरी या गलतफहमियां आ सकती हैं। ऐसे में समझदारी से काम लेना होगा।
- गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। इस पर कंट्रोल करना होगा।
शनि साढ़े साती के बुरे प्रभाव से बचने के उपाय
- हर शनिवार शनि देव की पूजा करें और चालीसा का पाठ करें।
- शनिवार के दिन काले तिल, सरसों का तेल या काले कपड़े का दान करें।
- हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- गरीब, मजदूर और बुजुर्गों की ज्यादा से ज्यादा सेवा करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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