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डे-नाईट टेस्ट मैच में 'पिंक बॉल' होगी स्विंग या स्पिन, जानिए क्या कहते हैं आकड़े

पिंक बॉल से भारत भले ही पहली बार खेलेगा मगर इससे अभी तक 11 डे-नाईट मैच खेले जा चुके हैं।

India TV Sports Desk India TV Sports Desk
Updated on: November 20, 2019 17:51 IST
Pinkball- India TV Hindi
Image Source : BCCI Pinkball

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में बहुत जल्द 'पिंक बॉल' यानी गुलाबी गेंद से डे-नाईट टेस्ट मैच खेला जाने वाला है। 22 नवम्बर को कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान में टीम इंडिया पिंक बॉल से बांग्लादेश के खिलाफ अपना पहला डे-नाईट टेस्ट मैच खेलेगी। जिसको लेकर फैंस से खिलाड़ियों तक सभी के अंदर काफी उत्सुकता है। इतना ही नहीं जबसे भारतीय सरजमीं पर पिंक बॉल से खलेने का ऐलान हुआ है तबसे सभी इसी चिंता में डूबे हुए हैं कि ये गेंद मैदान में लाल बॉल से अलग कैसे काम करेगी। यानी स्विंग करेगी या स्पिन ज्यादा होगी। 

हालांकि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने पिंक बॉल से अभ्यास के बाद बताया कि ये गेंद लाल गेंद के मुकाबले ज्यादा स्विंग हो रही है। कोहली ने कहा, "मैंने पहली बार गुलाबी गेंद के खिलाफ खेला था और यह लाल गेंद की तुलना में बहुत अधिक स्विंग करता है क्योंकि इस गेंद पर अतिरिक्त लैकर होती है जो बहुत जल्द नहीं जाती है और सीम भी अधिक समय तक सीधी रहती है। यदि पिच में पर्याप्त सहायता है, तो तेज गेंदबाजों को मैच में काफी समय तक स्विंग मिलेगी।"

इस तरह कोहली ने इसे अतिरिक्त स्विंग वाली गेंद बताया मगर आकड़ें इसके विपरीत हैं। पिंक बॉल से भारत भले ही पहली बार खेलेगा मगर इससे अभी तक 11 डे-नाईट मैच खेले जा चुके हैं। जिसमें स्पिन गेंदबाजों ने कुल मिलाकर 366 विकटों में से 96 विकेट अपने नाम किए हैं। इससे साबित होता है की पिंक गेंद से तेज गेंदबाजों के हाथ ज्यादा विकेट लगे हैं। 

ऐसे में कोलकाता के पिच की बात करें तो उसे हरी घास वाला रखा गया है। जिसके पीछे का कारण देर तक पिंक बॉल की चमक बने रहने के लिए ऐसा किया गया है। इससे जाहिर है की घास से भरी विकेट पर गेंद स्विंग ज्यादा लेगा बल्कि स्पिन काफी कम होगा। 

मगर हम बात करें इन 11 डे-नाईट टेस्ट मैचों कि तो इनमे से 2 टेस्ट मैच एशियाई सरजमीं यानी दुबई में खेले गए थे। जिसमें स्पिन गेंदबाजो में 73 में से 46 विकेट अपने नाम किए थे। जिसमें पाकिस्तान के लेग स्पिनर यासिर शाह ने दो बार पांच-पांच ये उससे अधिक विकेट हासिल किए थे। जबकि वेस्टइंडीज के देवेन्द्र बिशु ने एक मैच में 8 विकेट चटकाए थे। इससे साबित होता है कि पिंक बॉल से फिंगर स्पिनर कम जबकि कलाई के स्पिनरों को ज्यादा मदद मिली है। इस तरह टीम इंडिया के बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले ऐतिहासिक मैच में रिस्ट स्पिनर कुलदीप यादव को मौका मिलने को सम्भावना अधिक है। 

कुलदीप यादव के पिंक बॉल टेस्ट खेलने के बारे में हरभजन सिंह ने कहा, "पिंक बॉल की सीम को समझना थोडा कठिन है, जिसके चलते रिस्ट स्पिनर जैसे कुलदीप यादव तस टेस्ट मैच में घातक साबित हो सकते हैं।"

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