घरेलू क्रिकेट में रणजी ट्रॉफी बहुत ही शानदार अंदाज में खेली जा रही है। फैंस को रोज ही रोमांचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। रणजी ट्रॉफी में मुंबई और असम के बीच मैच हो रहा है। इस मैच में मुंबई के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। असम के बल्लेबाज पहली पारी में बुरी तरह से फ्लॉप हुए और पूरी टीम 84 रनों पर ऑलआउट हो गई। इसके बाद जब मुंबई की टीम बैटिंग करने उतरी तो मैदान पर एक अलग ही करिश्मा देखने को मिला है।
असम के खिलाफ एक समय पर मुंबई की टीम चार विकेट के नुकसान पर 102 रन बना कर खेल रही थी और टीम के कप्तान अजिंक्य रहाणे का निजी स्कोर 18 रनों का था। इसके बाद उन्होंने एक गेंद को मिड ऑन की तरफ ड्राइव करते हुए सिंगल लेने का प्रयास किया लेकिन उनके पार्टनर शिवम दुबे ने रन लेने से मना कर दिया। रहाणे काफी आगे आ चुके थे और असम के कप्तान डेनिश दास ने गेंद को उठाकर विकेटकीपर की तरफ थ्रो किया लेकिन वह रहाणे को जाकर लग गई, जो क्रीज में वापस आने की कोशिश कर रहे थे।
इसके बाद असम के सभी खिलाड़ियों ने फील्डिंग में बाधा पहुंचाने के लिए आउट की अपील की और फील्ड अंपायर के द्वारा इस अपील को स्वीकार भी कर लिया गया। इस फैसले के ठीक बाद अंपायर ने टी ब्रेक की भी घोषणा कर दी। मुंबई की टीम के कप्तान अजिंक्य रहाणे को 16 साल के करियर में पहली बार फील्डिंग में बाधा पहुंचाने के लिए आउट दिया गया। लेकिन थोड़ी देर बाद असम की टीम ने अपील को वापस ले लिया और रहाणे फिर से बल्लेबाजी करने उतरे।
नियमों के अनुसार अगली गेंद फेंके जाने से पहले आउट करने की अपील को वापस लेना पड़ता है और बल्लेबाज तब ही फिर से बल्लेबाजी करने वापस आ सकते हैं, जब अंपायर इसे स्वीकार कर लें। अजिंक्य रहाणे के आउट होने के बाद टी ब्रेक ले लिया गया था और इस बीच असम की टीम ने अपना फैसला बदल लिया। लेकिन रहाणे इसका फायदा नहीं उठा पाए और सिर्फ 22 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। रहाणे का यह रणजी सीज़न अब तक निराशाजनक रहा है और उन्होंने आठ पारियों में 16.00 की औसत से सिर्फ 112 रन बनाए हैं। मुंबई की टीम ने अभी तक 6 विकेट के नुकसान पर 217 रन बना लिए हैं।
(Input: IANS)
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