भारतीय क्रिकेट टीम ने गुवाहाटी में न्यूजीलैंड को हराने के साथ ही T20I सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। टीम इंडिया की इस जीत के कुछ देर बाद भारतीय क्रिकेट के लिए बुरी खबर आई है।दरअसल, BCCI के पूर्व प्रेसीडेंट आई एस बिंद्रा का निधन हो गया है। आई एस बिंद्रा का पूरा नाम इंदरजीत सिंह बिंद्रा था। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC के चेयरमैन जय शाह ने सोशल मीडिया पर उनके निधन की खबर की पुष्टि की।
जय शाह ने दी श्रद्धांजलि
आई एस बिंद्रा ने BCCI और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन में अध्यक्ष पद पर रहे। वह लंबे समय से बीमार थे। उनका 84 साल की उम्र में निधन हो गया। बिंद्रा-डालमिया की जोड़ी को भारत में अरबों डॉलर की क्रिकेट इंडस्ट्री बनाने का श्रेय दिया जाता है। ICC चेयरमैन जय शाह ने BCCI के पूर्व प्रेसीडेंट आई एस बिंद्रा के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया। जय शाह ने BCCI के पूर्व प्रेसीडेंट के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए लिखा- पूर्व BCCI अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट प्रशासन के एक दिग्गज मिस्टर आईएस बिंद्रा के निधन पर गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। ओम शांति।
3 साल तक रहे BCCI प्रेसीडेंट
आई एस बिंद्रा ने 1993 से 1996 तक BCCI के प्रेसीडेंट के रूप में काम किया। बिंद्रा 1978 से 2014 तक पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) के अध्यक्ष भी रहे। साल 2015 में, एक प्रशासक के रूप में उनकी सेवाओं को श्रद्धांजलि देते हुए मोहाली में PCA स्टेडियम का नाम बदलकर I.S. बिंद्रा स्टेडियम कर दिया गया। जब शरद पवार अध्यक्ष पद पर थे, तब बिंद्रा ने ICC के प्रिंसिपल एडवाइजर के रूप में भी काम किया था। बिंद्रा को, BCCI के एक और पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के साथ, 1987 में ODI वर्ल्ड कप को भारत लाने का श्रेय दिया जाता है।
भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने में दिया योगदान
यही नहीं, साल 1994 में बिंद्रा ने क्रिकेट ब्रॉडकास्टिंग में दूरदर्शन की मोनोपॉली खत्म करने के लिए भारत के सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। बिंद्रा के इस कदम से BCCI को ग्लोबल स्पोर्ट्स ब्रॉकास्टिंग कंपनियों को भारतीय मार्केट में लाने में मदद मिली, जिससे भारत जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट का मार्केट बन गया।