भारतीय महिला टीम ने दूसरे वनडे मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम को धमाकेदार अंदाज में 102 रनों से हरा दिया और इसी के साथ तीन वनडे मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी हासिल कर ली। भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 292 रन बनाए। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम सिर्फ 190 रनों पर सिमट गई और पूरे 50 ओवर्स भी नहीं खेल पाई। भारतीय टीम के लिए स्मृति मंधाना और क्रांति गौड ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इन दोनों प्लेयर्स की वजह से ही टीम जीत दर्ज करने में सफल रही।
102 रनों की हार ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम की वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ी हार है, जो उसे भारतीय टीम के खिलाफ मिली है। इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम के खिलाफ वनडे में सबसे बड़ी जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के नाम था। इंग्लैंड ने 1973 में ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम के खिलाफ 92 रनों से जीत दर्ज की थी। भारतीय टीम ने इंग्लैंड का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में सबसे बड़ी जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है।
ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम की शुरुआत बहुत ही खराब रही। जब एलिसा हीली और जॉर्जिया वॉल दोनों ही बड़ी पारियां नहीं खेल पाईं। इसके बाद एलिसे पैरी (44 रन) और एनाबेल सदरलैंड (45 रन) ने कुछ देर क्रीज पर टिकने की कोशिश की। लेकिन ये खिलाड़ी टीम को जीत नहीं दिला पाईं। भारतीय महिला टीम के लिए क्रांति गौड ने सबसे ज्यादा तीन विकेट अपने नाम किए हैं। वहीं दीप्ति शर्मा के खाते में दो विकेट गए हैं। इन गेंदबाजों की वजह से ऑस्ट्रेलियाई टीम सिर्फ 190 रनों पर ही सिमट गई।
भारतीय महिला टीम के लिए स्मृति मंधाना ने सबसे ज्यादा 117 रनों की पारी खेली। उन्होंने मजबूत ऑस्ट्रेलियाई बैटिंग ऑर्डर का डटकर सामना किया और क्रीज पर टिकी रहीं। उनके अलावा दीप्ति शर्मा ने 40 रन बनाए। वहीं ऋचा घोष के बल्ले से 29 रन निकले। स्नेह राणा ने 24 रन बनाए। भारतीय महिला टीम ने 49.5 ओवर में 292 रन बनाए।
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