बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 का आगाज धमाकेदार अंदाज में पर्थ में हो चुका है। पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट के पहले ही दिन 17 विकेट गिरे। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया पहली पारी में सिर्फ 150 रनों पर ढेर हो गई। इसके बाद भारतीय तेज गेंदबाजों ने कप्तान जसप्रीत बुमराह की अगुवाई में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को दूसरे दिन पहले ही सेशन में 104 रनों पर समेट दिया। इस तरह टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में टेस्ट मैच की पहली पारी में सबसे कम स्कोर पर ऑलआउट करने का नया रिकॉर्ड बना दिया। बता दें, साल 1947 में टीम इंडिया ने सिडनी में खेले गए टेस्ट मैच की पहली पारी में मेजबान ऑस्ट्रेलिया को 107 रन पर ढेर करने का बड़ा कारनामा किया था। अब टीम इंडिया ने अपना ही ये बड़ा रिकॉर्ड चकनाचूर कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 104 रन पर समेटकर 46 रन की बढ़त लेने के बाद टीम इंडिया ने शानदार अंदाज में दूसरी पारी का आगाज किया। ओपनर यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने संभलकर खेलना शुरू किया और दूसरे दिन चाय तक बिना कोई विकेट गंवाये 84 रन स्कोरबोर्ड पर लगा दिए। चाय के बाद भी जायसवाल और केएल की शानदार बल्लेबाजी जारी रही और दोनों ने जल्द ही 100 रनों की साझेदारी भी पूरी कर ली। इसके कुछ देर बाद ही यशस्वी जायसवाल ने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया और इस तरह इस साल टेस्ट में सबसे ज्यादा नौ बार 50+ स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। जायसवाल ने रूट को पछाड़ा।
ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज पहले विकेट की तलाश करते रहे लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इस दौरान जायसवाल और केएल राहुल ने मिलकर 47 ओवर में टीम इंडिया का दूसरी पारी में स्कोर 126रन तक पहुंचा दिया। इसके साथ ही टीम इंडिया की सलामी जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर 76 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। दरअसल, यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल की 126 रनों की साझेदारी ऑस्ट्रेलिया में किसी भी भारतीय सलामी जोड़ी की चौथी सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले ये रिकॉर्ड साल 1948 में वीनू मांकड़ और चंदू सरवते की जोड़ी ने बनाया था। तब दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 124 रनों की साझेदारी की थी।
इसके कुछ देर बाद ही दोनों ने 50 ओवर में 145 रनों की साझेदारी भी पूरी कर ली। इस तरह केएल और जायसवाल की जोड़ी ने SENA देशों में 2010 के बाद भारत के लिए सबसे ज्यादा रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले ये रिकॉर्ड गंभीर और सहवाग के नाम था।
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