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Ranji Trophy Final: सरफराज ने अपने अब्बू के लिए लगाया चौथा शतक, जांघ पर हाथ मारकर सिद्धू मूसेवाला को दी थी श्रद्धांजलि

 Edited By: Rajeev Rai @Rajeev_Bharat
 Published : Jun 23, 2022 11:50 pm IST,  Updated : Jun 23, 2022 11:50 pm IST

सरफराज खान ने मुंबई की तरफ से खेलते हुए फाइनल में लगाया शतक। सीजन में चौथी बार ठोकी सेंचुरी।

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Safaraz Khan century in ranji trophy Image Source : PTI

Highlights

  • सरफराज ने रणजी ट्रॉफी फाइनल की पहली पारी में लगाया शतक
  • रणजी ट्रॉफी 2022 में चौथी बार खेली शतकीय पारी
  • पिता को समर्पित किया शतक

रणजी ट्रॉफी 2022 का फाइनल मुकाबला मुंबई और मध्यप्रदेश के बीच खेला जा रहा है। गुरुवार से बेंगलूरू के एम चिन्नास्वामी में शुरू हुए खिताबी मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। मुंबई ने पहली पारी में सरफराज खान की शतकीय पारी की बदौलत 374 रन का स्कोर किया है। सरफराज खान ने अपना शानदार फॉर्म बरकरार रखते हुए रणजी ट्रॉफी के इस सीजन का अपना चौथा शतक लगाया। उन्होंने अपनी पारी की मदद से ना सिर्फ मुश्किल को मुश्किल परिस्थिति से निकाला बल्कि उसे मजबूत स्कोर तक भी पहुंचाया। 

शतक जड़ने के बाद सरफराज की आंखे डबडबाई हुई थी, उन्होंने पत्रकारों से कहा कि यह शतक मेरे अब्बू (पिता) की वजह से है, यह उनके बलिदान की वजह से है और उस समय मेरा हाथ थामने की वजह से है जब मैं निराश था। 

नौशाद के दोनों बेटे सरफराज और मुशीर मुंबई टीम में ही खेलते हैं। यह पूछने पर कि क्या भारतीय टीम में जगह बनाने का सपना पूरा होने की ओर है? इस सवाल के जवाब में सरफराज की आंखे डबडबा गयीं। उन्होंने कहा कि हमारी जिंदगी सब कुछ उन छोटे छोटे सपनों के लिये है जिन्हें हम संजोते हैं। सपने हम (वह और उनके पिता) साथ देखते हैं। मैंने मुंबई में वापसी के बाद से दो सत्र में जो 2000 के करीब रन बनाये हैं, वह सब मेरे अब्बू की वजह से है। 

जब कोई मैच नहीं होता तो दोनों भाई अपने पिता की निगरानी में प्रत्येक दिन छह से सात घंटे अभ्यास करते हैं। कुछ अनुशासनात्मक मुद्दों के कारण सरफराज को एक सत्र के लिये उत्तर प्रदेश जाना पड़ा और उन्होंने वापसी करने से पहले 'कूलिंग ऑफ' समय बिताया जिसके बाद वह फिर मुंबई की टीम में चुने गये। 

सरफराज ने कहा कि आप सब तो जानते हो मेरे साथ क्या हुआ। अब्बू ना रहते तो मैं खत्म हो जाता। इतनी सारी समस्यायें थीं और जब मैं सोचता हूं कि मेरे अब्बू इन सबसे कैसे निपटे तो मैं भावुक हो जाता हूं। उन्होंने एक बार भी मेरा हाथ नहीं छोड़ा। मेरे भाई ने अपने फोन पर एक 'स्टेटस' लगाया है और मैं देख सकता हूं कि अब्बू कितने खुश हैं। मेरा दिन बन गया।  

सरफराज पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के प्रशंसक हैं जिनकी हाल में एक गैंग ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। सरफराज ने शतक जड़ने के बाद मूसेवाला के स्टाइल (जांघ पर हाथ मारकर) में जश्न बनाया। इसके बारे में पूछने पर सरफराज ने कहा कि यह सिद्धू मूसेवाला के लिये था। मुझे उनके गाने बहुत पसंद हैं और ज्यादातर मैं और हार्दिक तामोरे (विकेटकीपर) उनके गाने सुनते हैं। मैंने इसी तरह का जश्न पिछले मैच के दौरान भी मनाया था लेकिन तब हॉटस्टार ने इसे दिखाया नहीं था। मैंने फैसला किया था कि जब भी एक और शतक जड़ूंगा, इस तरह ही जश्न मनाऊंगा। 

इनपुट: PTI

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