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लोकसभा चुनाव से पहले बाहुबली धनंजय सिंह को झटका, जौनपुर से बरेली जेल में किया गया शिफ्ट

 Published : Apr 27, 2024 09:04 am IST,  Updated : Apr 27, 2024 12:04 pm IST

पूर्व सांसद धनंजय सिंह को लोकसभा चुनाव से पहले जौनपुर से बरेली जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। उनकी बत्नी बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं।

पूर्व बाहुबली सांसद धनंजय सिंह की फाइल फोटो- India TV Hindi
पूर्व बाहुबली सांसद धनंजय सिंह की फाइल फोटो Image Source : FILE-PTI

जौनपुरः अपहरण और रंगदारी के मामले में सजा सुनाए जाने के बाद  जेल में बंद पूर्व बाहुबली सांसद धनंजय सिंह को शनिवार को बरेली जेल स्थानांतरित कर दिया गया। धनंजय सिंह की पत्नी और जौनपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीकला रेड्डी जौनपुर संसदीय क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की उम्मीदवार हैं। धनंजय सिंह छह मार्च से जौनपुर के जिला कारागार में बंद थे। रंगदारी और अपहरण के एक मामले में जिले की एक अदालत ने उन्हें सात साल की सजा सुनाई है। 

 

 

हाई कोर्ट आज सुना सकता है फैसला

मिली जानकारी के अनुसार, धनंजय सिंह की याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट आज अपना फैसला सुना सकता है। कोर्ट के फैसले से पहले धनंजय सिंह को जौनपुर से बरेली जेल शिफ्ट कर दिया गया। इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके एक सहयोगी द्वारा दाखिल आपराधिक अपील सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली थी। जौनपुर की सांसद-विधायक अदालत से रिकॉर्ड तलब किया था जिसके जरिए इन्हें नमामि गंगे परियोजना के प्रबंधक के अपहरण और फिरौती के एक मामले में सात साल की सजा सुनाई गई थी। 

धनंजय सिंह की पत्नी को मिला है बसपा से टिकट

धनंजय सिंह ने जिला एवं सत्र न्यायालय से मिली सजा पर रोक लगाए जाने और अंतिम फैसले तक जमानत पर रिहा किए जाने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट से अगर धनंजय सिंह को राहत मिली तो वह खुद जौनपुर से लोकसभा चुनाव लड़ सकता है। अभी धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी को बसपा ने टिकट दिया है। धनंजय सिंह पहले भी बसपा से सांसद रह चुके हैं।

धनंजय सिंह को मिली है सात साल की सजा

बता दें कि जौनपुर की सांसद-विधायक अदालत ने छह मार्च 2024 को पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके सहयोगी संतोष विक्रम सिंह को 2020 के एक मामले में सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। यह मामला जल निगम के अधिकारी अभिनव सिंघल के अपहरण और फिरौती से जुड़ा है। सिंघल उस समय नमामि गंगे के परियोजना प्रबंधक के तौर पर तैनात थे। धनंजय सिंह और उनके साथी के खिलाफ 2020 में जौनपुर जिले के लाइन बाजार पुलिस थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 364 (अपहरण), 386 (फिरौती), 506 (आपराधिक धमकी), 120-बी (षड़यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

रिपोर्ट- सुधाकर शुक्ल, जौनपुर

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