इंडियन प्रीमियर लीग का ये सीजन अब अपने समापन की ओर बढ़ रहा है। छह टीमों के लिए खेल खत्म हो चुका है। चार वे टीमें भी मिल ही चुकी हैं, जिन्होंने इस साल प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस साल के आईपीएल में सबसे ज्यादा चर्चा जिस खिलाड़ी की रही, वे कोई और नहीं, बल्कि ऋषभ पंत रहे। जो इस टूर्नामेंट के सबसे महंगे खिलाड़ी का तमगा लेकर घूम रहे हैं, लेकिन पूरे सीजन उनके बल्ले से रन नहीं बने। हालांकि गुजरात टाइटंस के खिलाफ उन्होंने जिस तरह के तेवर दिखाए, उससे टीम इंडिया के लिए उम्मीदें बढ़ गई हैं।
ऋषभ पंत को आईपीएल नीलामी के दौरान लखनऊ सुपर जायंट्स ने 27 करोड़ रुपये की मोटी कीमत में खरीदा था। इसके साथ ही वे आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए थे, लेकिन उनसे जिस तरह की बल्लेबाजी की उम्मीद की जा रही थी, वो उसके हिसाब से बल्लेबाज नहीं कर पा रहे हैं। वे टीम की सबसे कमजोर कड़ी साबित हुए। कहना गलत नहीं होगा कि इस साल लखनऊ की जो हालत हुई, उसमें काफी हद तक दोष पंत को दिया जा सकता है। क्योंकि टीम के लिए मिचेल मार्श, एडन मारक्रम और निकोलस पूरन ने तो कमाल का खेल दिखाया, लेकिन पंत भी अगर अपने रंग में होते तो कुछ बात ही अलग होती।
इस बीच अपने 13वें मुकाबले में गुजरात टाइटंस के खिलाफ ऋषभ पंत उसी अंदाज में नजर आए, जिसके लिए वे जाने और पहचाने जाते हैं। पंत नंबर चार पर बल्लेबाजी के लिए आए। उन्होंने 6 बॉल का सामना किया और उसमें ताबड़तोड़ 16 रन ठोक दिए। उन्होंने एक भी चौका नहीं लगाया, लेकिन दो छक्के जड़ दिए। ये छक्के उसी अंदाज के रहे, जिसके लिए पंत जाने और पहचाने जाते हैं। उनका स्ट्राइक रेट 266 का रहा और वे अंत तक आउट भी नहीं हुए। अब लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए तो आईपीएल खत्म हो गया है, लेकिन अगर पंत की फार्म में वापसी हो गई है तो फिर ये टीम इंडिया के लिए बहुत अच्छी खबर है।
भारतीय टीम अगले महीने इंग्लैंड के दौरे पर जाने वाली है, जहां पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। अभी हालांकि बीसीसीआई ने टीम का ऐलान तो नहीं किया है, लेकिन ये तय है कि ऋषभ पंत इस टीम में जरूर होंगे। पंत वनडे और टी20 इंटरनेशनल में भले ही टीम इंडिया के लिए न खेल पा रहे हों, लेकिन टेस्ट में अभी भी उनका कोई जवाब नहीं है। अगर पंत की फार्म में वापसी हो चुकी है तो फिर वहां पर पंत अपने आलोचकों को जवाब देने का कोई भी मौका हाथ से जाने नहीं देंगे। पंत ने अगर इंग्लैंड में जाकर कहर बरपाया तो इससे अच्छा भारतीय टीम के लिए कुछ नहीं होगा।
इस बीच लखनऊ सुपर जायंट्स का एक और मैच इस साल के आईपीएल में बाकी है। जो 27 मई को आरसीबी के खिलाफ लखनऊ में खेला जाएगा। उसमें भी देखना होगा कि क्या पंत इसी तरह की बल्लेबाजी करते हैं। अगर उसमें भी पंत का बल्ला चला तो फिर समझिए कि पंत ने अपने अंदाज को वापस पा लिया है।
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