दिल्ली-एनसीआर में घना कोहरा छाया हुआ है। कई इलाकों में विजिबिलिटी जीरो दर्ज की गई है। सड़क पर गाड़ियां रेंग-रेंग कर चल रही हैं। ट्रेनों और उड़ानों पर भी असर पड़ा है।
दिल्ली में गुरुवार की रात से ही एयरपोर्ट पर आई तकनीकी खराबी के कारण कई फ्लाइट्स की उड़ानों में परेशानी हुई। इस स्थिति से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। अगर आसमान में ट्रैफिक जाम लग जाए तो कैसे उसे नियंत्रित किया जाता है। कौन सा है वो सिस्टम, जानें इस खबर में...
अगस्त 2025 के दौरान 705 यात्रियों को विमान में चढ़ने से रोका गया। इस दौरान घरेलू एयरलाइनों को कुल 1,407 यात्री-संबंधी शिकायतें प्राप्त हुईं। बावजूद एयरलाइनों ने विभिन्न क्षेत्रों में सुधार की दिशा में कदम उठाए हैं।
फ्रांस में उस वक्त सैकड़ों यात्रियों की जान आफत में फंस गई, जब उनके प्लेन की लैंडिंग से ठीक पहले एयरपोर्ट का एयर ट्रैफिक कंट्रोलर गहरी नींद में सो गया।
साल 2005 में बिहार में केवल पटना और गया हवाई अड्डों से उड़ानें संचालित होती थीं। आंकड़ों पर नजर डालें, तो वर्ष 2005-06 में बिहार के हवाई अड्डों से कुल 4,788 उड़ानों की आवाजाही हुई थी और लगभग 2.48 लाख यात्रियों ने हवाई यात्रा की थी।
एयरलाइनों को जनवरी में मुआवजे और सुविधाओं के लिए 46. 46 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ा। फ्लाइट्स में देरी के चलते 1,78,934 यात्री प्रभावित हुए और एयरलाइनों ने सुविधा के लिए 2.38 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
किसी भी एयरलाइंस की लागत इन्फ्रा आम तौर पर दो प्रमुख बातों- एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों और आईएनआर-यूएसडी मूवमेंट द्वारा संचालित होती है।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के जारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में हवाई यातायात इस साल जून की तुलना में कम था, जब 1.32 करोड़ यात्रियों ने उड़ान भरी थी।
अकासा एयर ने जून 2024 के दौरान चार मेट्रो एयरपोर्ट- दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद से 79. 5 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक ऑन-टाइम प्रदर्शन किया। जून के दौरान एयर इंडिया की बाजार हिस्सेदारी 13.1 प्रतिशत रही, जबकि विस्तारा की 9.6 प्रतिशत रही।
अगले चार वित्तीय वर्षों में इंटरनेशनल एयर पैसेंजर ट्रैफिक में 10-11 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) होने की संभावना है, जबकि महामारी से पहले के चार वर्षों में यह सिर्फ 5 प्रतिशत सीएजीआर थी।
रवरी में एयर इंडिया की बाजार हिस्सेदारी 12.2 प्रतिशत से बढ़कर 12.8 प्रतिशत हो गई, जबकि इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी जनवरी में 60.2 प्रतिशत से मामूली गिरावट के साथ 60.1 प्रतिशत रह गई।
सिविल एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए के आंकड़े से पता चलता है कि देश में फ्लाइट से घरेलू सफर करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एयरलाइन कंपनियों के बीच कॉम्पिटीशन भी तेज हुआ है।
भारत में फ्लाइट से सफर करने वालों की तादाद में कोविड के बाद लगातार तेजी का रुझान देखा जा रहा है। आने वाले समय में भारत सिविल एविएशन का बहुत बड़ा हब बन सकता है। अक्टूबर में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 11 प्रतिशत बढ़कर 1.26 करोड़ पर पहुंच गई।
सितंबर, 2023 में यह आंकड़ा 1.22 करोड़ यात्रियों का था। इंडिगो ने अक्टूबर महीने में 79.07 लाख यात्रियों ने सफर कराया। एयर इंडिया की डोमेस्टिट मार्केट में हिस्सेदारी बढ़कर 10.5 प्रतिशत हो गई।
मध्य रेलवे ने हाल ही में जेंडर और उम्र के आधार पर पैसेंजर्स का डाटा जुटाया है। रेलवे अब लंबी दूरी के लिए भी नई वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) ट्रेन लॉन्च करने वाला है।
नरेन्द्र मोदी सरकार के नौ साल के कार्यकाल में विमानन क्षेत्र में हुए कार्यों की जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सिंधिया ने कहा कि भारत में 2014 तक 74 हवाई अड्डे (हेलीपोर्ट और जलीय विमानपत्तन समेत) थे और अब यह संख्या दोगुनी होकर 148 हो गयी है।
कोरोना महामारी के दौरान विमानन कंपनियों को करीब 2 साल तक भारी घाटा उठाना पड़ा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीते करीब तीन साल में विमानन कंपनियों को 200 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ।
अमेरिका में NOTAM यानी पायलटों और अन्य कर्मियों को हवाई मुद्दों के बारे में अलर्ट करने वाले एक सिस्टम में तकनीकी खराबी के बाद सैकड़ों विमानों की आवाजाही ठप हो गई थी
आंकड़ों से पता चलता है कि भारतीय घरेलू उड़ानों (नई शुरू हुई आकाश एयर को छोड़कर) ने स्थानीय रूट पर कुल 76.6 लाख यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाया।
Air Travel: Indigo Airlines से जून में 59.83 लाख घरेलू यात्रियों ने Air Travel किया जो घरेलू विमानन बाजार की कुल हिस्सेदारी का 56.8 प्रतिशत है
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़