भारत के ज्यूडिशियल और लॉ-एनफोर्समेंट सिस्टम के मॉडर्नाइज़ेशन में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित करते हुए, उत्तराखंड ने जनवरी 2026 तक के डेटा के अनुसार, इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) 2.0 के नेशनल इम्प्लीमेंटेशन में पहला स्थान हासिल किया है।
Noida News: होली और रमज़ान के मद्देनज़र 02 मार्च से 06 मार्च 2026 तक BNS धारा 163 लागू की गई है। बिना अनुमति 5 या उससे अधिक लोगों का जुटना, जुलूस निकालना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
Interesting Facts: सोशल मीडिया पर इन दिनों वायरल हुए कुछ MMS पर बहस चल रही है। सही या गलत की इस बहस के बीच ये जानना बहुत अहम है कि, MMS वायरल करने पर कितनी सजा मिलती है ? आइए जानते हैं:
एक लड़की ने वीडियो बनाते हुए कुछ ऐसी बात बता दी जो लड़के जरूर सुनना चाहेंगे। आइए फिर आपको बताते हैं कि वीडियो में लड़की ने ऐसा क्या बोला और फिर आपको लोगों के रिएक्शन के बारे में बताएंगे।
मुंबई की एक नेल आर्टिस्ट ने मनसे के नेता के बेटे पर शराब के नशे में धुत होकर गाड़ी से उनकी गाड़ी में टक्कर मारने के बाद अपमानजनक बातें कहने का आरोप लगाया है। जानें युवक पर क्या क्या धाराएं लगी हैं और उसे क्या सजा मिलेगी?
देश में लागू भारतीय न्याय संहिता के तहत धारा 197 के तहत दो उपधाराओं का जिक्र है। इसमें जहां पहली धारा के तहत तीन साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है तो वहीं दूसरी धारा के तहत पांच साल और जुर्माने का प्रावधान है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बुधवार को कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 के तहत महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए अपनी पहली गिरफ्तारी दर्ज की।
भारत में एक जुलाई से लागू हुए 3 नए आपराधिक कानूनों की जहां कुछ एक्सपर्ट्स ने तारीफ की है, वहीं कानून के कुछ जानकारों ने इन्हें दिखावटी बदलाव करार देते हुए कुछ खास सुधार होने से इनकार किया है।
देश में सोमवार को तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं। इस दौरान देश के अलग-अलग राज्यों में पहली प्राथमिकियां दर्ज की गई। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने रेहड़ी पटरी वालों पर केस दर्ज किया। वहीं अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग केस दर्ज हुए हैं।
देश में भारतीय न्याय संहित को सोमवार से लागू कर दिया गया है और अंग्रेजों के जमाने के कानून को हटा दिया गया है। इस बीच उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस कानून के दुरुपयोग होने की गुंजाइश अधिक है। पुराने कानूनों के दुरुपयोग की गुंजाइश कम थी।
नए आपराधिक कानून देश में लागू हो चुके हैं और पुराने कानूनों की जगह ले चुके हैं। इस बीच लोकसभा में आज खूब बहस देखने को मिली। इस दौरान इस कानून को लेकर अमित शाह ने कहा कि केस दर्ज होने के तीन साल के ही भीतर लोगों को न्याय मिलने का प्रावधान है।
अमित शाह ने साफ किया कि अंग्रेजों ने भारत में राज करने के लिए अपने हिसाब से कानून बनाए थे। वहीं, अब इनमें बदलाव कर इन्हें जनता को न्याय दिलाने के लिए बनाया गया है।
सोमवार से देश में नए आपराधिक कानून लागी हो गए हैं। हालांकि, कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दल इन कानूनों पर विरोध जता रहे हैं। आइए जानते हैं कि विपक्षी दलों ने इस नए कानून पर क्या कहा है।
देश में लागू हुए नए आपराधिक कानून। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि इन कानूनों को भारतीयों ने, भारतीयों के लिए और भारतीय संसद द्वारा बनाया गया है। आइए जानते हैं कुछ खास बातें।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़