पीएम ने कहा कि दुनिया ने 20वीं सदी के दौरान औद्योगिक क्रांति का दौर देखा। उस समय जो देश कारखानों, मशीनों और बड़े पैमाने पर उत्पादन में आगे थे, उन्होंने तेजी से प्रगति की। लेकिन ये सदी एआई क्रांति की है और सेमीकंडक्टर इस बदलाव का सेतु हैं।
आत्मनिर्भर भारत की ओर एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। 2030 तक भारत में खुद का देसी सुपरकम्प्यूटर बनाया जा सकेगा। इस सुपरकम्प्यूटर को 2032 तक मार्केट में उतारा जा सकेगा।
जाने-माने निवेशक माइकल बरी ने Palantir और Nvidia के खिलाफ “शॉर्ट पोजिशन” लेने की घोषणा की है। जिसके बाद Palantir, Nvidia, AMD समेत एआई और चिप बनाने वाली तमाम कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई।
ISRO के सेमीकंडक्टर लैब में बनाया गया विक्रम चिप का पूरा निर्माण भारत में ही हुआ है। ये चिप स्पेस लॉन्च व्हीकल्स की एक्सट्रीम कंडीशन्स में इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह से योग्य है।
प्रीमियम स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैबलेट आदि में इस्तेमाल होने वाले 3nm चिप अब भारत में ही बनेंगे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा की है। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भी भारत की निर्भरता अब किसी पर नहीं होगी।
कॉन्टिनेंटल डिवाइस इंडिया (सीडीआईएल) भारत की पहली सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरर है, जो अलग सेमीकंडक्टर और सिलिकॉन कार्बाइड उपकरणों में विशेषज्ञता रखती है।
जापान सेमीकंडक्टर परिवेश के संयुक्त विकास और अपनी ग्लोबल सप्लाई चेन की मजबूती को बनाए रखने के लिए भारत के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला अमेरिका के बाद दूसरा क्वाड पार्टनर है।
सेमीकंडक्टर भारत के डिजिटल परिवर्तन लक्ष्यों के लिए महत्वपूर्ण हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार प्रौद्योगिकी का लाभ देश के दूरदराज और तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने पर ध्यान दे रही है।
जागीरोड में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की अत्याधुनिक परियोजना में 27,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा और इससे 30,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। संयंत्र का पहला चरण 2025 के मध्य तक चालू होने की उम्मीद है।
1968 में स्थापित दिग्गज अमेरिकी चिप मेकर इंटेल बड़ी छंटनी करने जा रही है। इंटेल ने बताया कि वो अपने करीब 15000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने माइक्रोन और टाटा सहित चार खिलाड़ियों को 76,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया है।
चंद्रशेखर ने कहा कि 2022 में प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर नीति की घोषणा की थी और इसने तुरंत वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया।
माइक्रोन प्लांट (Micron plant in India) दिसंबर 2024 से पहली चिप का उत्पादन शुरू कर देगा। इस संयंत्र का निर्माण शुरू हो गया है।
एसके हाइनिक्स और ग्लोबल फाउंड्रीज को ईमेल भेजकर इस संबंध में पूछा गया लेकिन खबर लिखने तक उनका कोई उत्तर नहीं मिला।
फॉक्सकॉन और भारतीय दिग्गज कंपनी वेदांता ने जॉइंटवेंचर कर दुनिया को चौंका दिया। इस जॉइंटवेंचर को गुजरात में 1.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र लगाना था।
केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में कहा था कि भारत में बनी पहली सेमीकंडक्टर चिप अगले साल दिसंबर तक आ जाएगी।
देश में 2.7 अरब डॉलर के निवेश के साथ सेमीकंडक्टर परीक्षण और पैकेजिंग इकाई स्थापित करने की परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी दे दी है।
जापानी सेमीकंडक्टर निर्माण कंपनी रेनेसस इलेक्ट्रॉनिक्स के अध्यक्ष और सीईओ हिदेतोशी शिबाता ने इस कार्यक्रम में कहा कि भारत कंपनी के वैश्विक कारोबार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग के अनगिनत अवसर हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने हाल ही में पिछले साल चिप्स और विज्ञान अधिनियम को लागू किया था, जो अमेरिका को देश में अधिक चिप निर्माण को आकर्षित करने के लिए सक्षम बनाता है।
Semiconductor Production: अमेरिकी वाणिज्य मंत्री ने कहा कि दोनों देश एक सेमीकंडक्टर प्रोत्साहन कार्यक्रम लागू कर रहे हैं, और हमने चर्चा की कि दोनों पक्ष भारत और अमेरिका के हित में इनके बीच तालमेल कैसे स्थापित कर सकते हैं।
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