भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष 2018-19 में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर बढ़कर 7.4 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी। गत 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष 2017-18 में इसके 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने पंजाब नेशनल बैंक में हुए 12,700 करोड़ रुपए के घोटाले के मद्देनजर मंगलवार को भारत की अर्थव्यवथा के लिए अपने अनुमान में कटौती की है।
विश्व बैंक ने आज भारत की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2018-19 में 7.3 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2019-20 में 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।
माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन से सामने आईं अड़चनों के अब दूर होने और उपभोग का स्तर सुधरने की वजह से अगले वित्त वर्ष 2018-19 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर कुछ सुधार के साथ 7.1 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
देश की आर्थिक वृद्धि दर वित्त वर्ष 2018-19 में बढ़कर 7.5 प्रतिशत हो जाएगी। तेजी की वजह घरेलू खपत, नीतिगत मोर्च पर आगे बढ़ना और समकालीन वैश्विक वृद्धि होगी। एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2017) में भारत की वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत दर्ज की गई है। विनिर्माण और खर्च में तेजी आने से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर को बढ़ने में सहारा मिला है।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार का कहना है कि पिछली तीन तिमाहियों से देश की आर्थिक गतिविधियां रफ्तार पकड़ रही हैं और वित्त वर्ष 2018-19 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर अधिक तेज रहेगी।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने की संभावना है।
श्विक वित्तीय सेवा कंपनी HSBC के अनुसार 2018-19 में जीडीपी वृद्धि दर 2017-18 के 6.5 प्रतिशत वृद्धि दर के मुकाबले बढ़कर 7.0 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
जापान की वित्तीय सेवा कंपनी नोमूरा ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि जनवरी-मार्च तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार आने की उम्मीद है और इसकी जीडीपी ग्रोथ 2018 में 7.5 प्रतिशत के आसपास रह सकती है।
मॉर्गन स्टेनली की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर वर्ष 2017 के 6.4 प्रतिशत की तुलना में 2018 में 7.5 प्रतिशत और 2019 में 7.7 प्रतिशत तक जाने की संभावना है।
गुरुवार को केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय की तरफ से जारी आंकड़ों में यह बताया गया कि जुलाई से सितंबर की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की दर 6.3 फीसदी रही जो कि पिछली तिमाही से ज्यादा है।
वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में जीडीपी आंकड़ों में वृद्धि की सराहना करते हुए केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को कहा कि पांच तिमाहियों के बाद अर्थव्यवस्था में आई तेजी आगे भी वृद्धि का संकेत है और आनेवाली तिमाहियों में इसमें और भी वृद
Last five quarters had witnessed a downward trend, GDP at 6.3% marks the reversal of that trend: FM Arun Jaitley on GDP growth figures
वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर सुधरकर 6.3 प्रतिशत रही है, जो कि पहली तिमाही में तीन साल के निचले स्तर पर थी।
नोमुरा का कहना है कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर अप्रैल-जून तिमाही में बढ़कर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
भारतीय अर्थव्यवस्था में आने वाली तिमाहियों में स्थिति में सुधार होगा जिससे चालू वित्त वर्ष के दौरान GDP ग्रोथ 6.9 फीसदी रहने का अनुमान है।
नए ऑर्डर मिलने से जून माह के दौरान सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में जोरदार उछाल आया है और इस क्षेत्र का PMI आंकड़ा 53.1 अंक पर पहुंच गया।
ग्राहकों की मांग कमजोर रहने और GST से जुड़ी चिंताओं के चलते जून माह में विनिर्माण क्षेत्र की ग्रोथ (मैन्युफैक्चरिंग PMI) चार माह के न्यूनतम स्तर तक गिर गई
मूडीज ने कहा है कि GST व्यवस्था को लागू करना भारत की रेटिंग के लिए सकारात्मक कदम है। इससे GDP ग्रोथ की गति और तेज होगी और कर राजस्व में वृद्धि होगी।
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