आज के दौर में मोटापा जिस तरह से बढ़ रहा है, बीमारियां उतनी ही तेजी से बढ़ रही हैं। मोटापा सिर्फ दिखने में ही खराब नहीं लगता बल्कि ये हार्ट अटैक, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों के खतरे को कोई गुना बढ़ा देता है। मेडिकल साइंस और हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि शरीर का असली खतरा वजन नहीं, बल्कि कमर का बढ़ता साइज है। खासतौर से मोटी कमर का सीधा संबंध लिवर से जुड़ा है। कमर का साइज डायबिटीज, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कई गंभीर बीमारियों की ओर इशारा है।
मोटी कमर बीमारियों का घर
लिवर स्पेशलिस्ट और देश के जाने माने डॉक्टर सरीन बताते हैं कि कमर का साइज आपके सेहत के कई राज खोल सकता है। खासतौर से महिलाओं को अपना वेस्ट और हिप साइज एक बार जरूर चेक कर लेना चाहिए। इसके लिए आपकी कमर और हिप का अनुपात .7 होना चाहिए, यानि 28 इंच की वेस्ट और हिप साइज 40 तक हो सकता है। लेकिन 40 इंच की वेस्ट और 40 इंच का ही हिप साइज नहीं हो सकता है। अगर ऐसा है तो ये सेहत के लिए खतरनाक है। ये फैट सिर्फ आपकी कमर नहीं बल्कि अंदरूनी हर अंग पर चढ़ चुका है।
कमर का साइज बढ़ने से इन बीमारियों का बढ़ता है खतरा
शरीर पर जमा फैट धीरे-धीरे दिल, लिवर, किडनी, दिमाग और ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाता है। खतरनाक स्थिति ये है कि कई बार बिना किसी लक्षण के ही अंदर ही अंदर फैट बढ़ता रहता है। शुगर के करीब 70 से 80 प्रतिशत मरीजों में कोई न कोई हार्ट डिजीज पाई जाती है। अगर ऐसे लोगों की कमर का साइज भी बढ़ा हुआ है तो खतरा कई गुना और बढ़ जाता है।
कमर का साइज कितना होना चाहिए? (What Should the Waist Size)
पुरुषों में कमर का साइज 90 सेंटीमीटर यानि 35 इंच से ज्यादा नहीं होना चाहिए। वहीं महिलाओं में कमर का साइज 85 सेंटीमीटर यानि 33 इंच से ज्यादा नहीं होना चाहिए। अगर आपकी कमर इससे ज्यादा है, तो भले ही वजन ज्यादा न लगे, लेकिन अंदरूनी कई बीमारियों का खतरा हो सकता है। ऐसे लोगों को तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)