आजकल सिर्फ महिलाओं में ही थायराइड की समस्या नहीं बढ़ी है। बल्कि पुरुषों के साथ बच्चों में भी थायराइड की समस्या देखा जाने लगा है। आज के समय में धीरे धीरे इसके मामले बढ़ते जा रहे हैं। आमतौर पर लोग थाइरॉयड को बड़ों की बीमारी मानते हैं, लेकिन बच्चों में भी हाइपोथाइरॉयडिज्म (थायराइड कम बनना) और हाइपरथाइरॉयडिज्म (थायराइड ज्यादा बनना) दोनों स्थितियां देखी जा सकती हैं। शारदा हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट- इंटरनल मेडिसिन, डॉ. श्रेय श्रीवास्तव, बता रहे हैं कि बच्चों में थायराइड होने पर कौन से लक्षण दिखते हैं और बचाव के लिए क्या करना चाहिए?
बच्चों में थायराइड के लक्षण
बच्चों में थायराइड की पहचान करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि इसके लक्षण अक्सर सामान्य समस्याओं जैसे लगते हैं।
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वजन अचानक बढ़ना या कम होना: अगर आपके बच्चे का वजन तेजी से कम हो रहा है या अचानक से बहुत बढ़ गया है तो यह थायराइड का एक संकेत हो सकता है।
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हमेशा सुस्त या चिड़चिड़ा: अगर आपका बच्चा लगातार सुस्त, हमेशा थका हुआ या चिड़चिड़ा रहता है, तो यह थायराइड (विशेषकर हाइपोथायरायडिज्म) का एक प्रमुख संकेत हो सकता है। थायराइड असंतुलन के कारण बच्चों में शारीरिक विकास में कमी, और व्यवहार में बदलाव (चिड़चिड़ापन) जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
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हेयर फॉल: अगर आपके बच्चे के बाल बहुत ज़्यादा झड़ रहे हैं या त्वचा बहुत रूखी हो गई है, तो यह थायराइड का संकेत हो सकता है। छोटे बच्चों में लंबाई न बढ़ना या देर से बोलना भी चेतावनी के संकेत हैं।
लक्षण दिखने पर क्या करें?
अगर ऐसे लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। साधारण ब्लड टेस्ट से थाइरॉयड की जांच हो जाती है। समय पर पहचान और इलाज से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास सामान्य रखा जा सकता है। माता-पिता को बच्चों के व्यवहार और सेहत में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)