केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी आंकड़ों के बीच एक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की डिमांड में तेजी जारी रहेगी।
सोने की कीमत गिरने का पहला और सबसे बड़ा कारण अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व का बयान है। सोने की कीमत ने इस साल कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। चांदी ने भी बराबर का साथ दिया।
MCX पर शुक्रवार को सोने का अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट 1,131 रुपये या 1.06 प्रतिशत बढ़कर 1,07,807 रुपये प्रति 10 ग्राम के लाइफटाइम हाई पर पहुंच गया था।
वेंचुरा का कहना है कि 2025 के बाकी महीनों में सोने की कीमतों में मजबूती बनी रहने की संभावना है। भारत में भी 8 अगस्त को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अक्टूबर डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स की कीमत ₹1,02,250 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई।
वैश्विक स्तर पर अस्थिरता के बीच निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग बनी हुई है। मंगलवार को ट्रंप ने फार्मास्युटिकल आयात पर नई टैरिफ (शुल्क) लगाने की धमकी दी। अनुमान है कि ये टैरिफ शुरुआत में कम होंगे लेकिन धीरे-धीरे 250% तक बढ़ सकते हैं।
एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में लगभग 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो 27 जून को 94,951 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 11 जुलाई को 97,830 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई। एक्सपर्ट का यह भी कहना है कि कमजोर रुपया सोने की कीमतों में तेजी को और बढ़ावा दे सकता है।
आज लगातार दूसरा दिन है, जब सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई है। इससे पहले, सोमवार को भी 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में 1000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी। सोमवार को दिल्ली में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 79,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
शुक्रवार को 99.5 प्रतिशत वाले सोने का भाव 80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बताते चलें कि पिछले हफ्ते शुक्रवार को सोने के भाव में 1100 रुपये और गुरुवार को 1400 रुपये प्रति 10 ग्राम की जोरदार तेजी देखने को मिली थी।
साल 2024 में भी सोने से अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है। साल 2023 में सोने ने करीब 15 फीसदी का रिटर्न दिया है। 2024 में सोने की कीमत करीब ₹72,000 प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड उच्च स्तर तक पहुंच सकती हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार एसजीबी की दिसंबर और फरवरी वाली किस्तों में निवेशकों को आधा-आधा पैसा लगाना चाहिए। अमेरिका में रेट कट के संकेतों के चलते सोने के लिए आने वाला समय अच्छा रहने वाले है। ऐसे में निवेशकों को अपने पोर्टफोलिया का 10 फीसदी सोने में ही निवेश करना चाहिए।
सोने को लेकर दीवानगी सिर्फ भारत में ही नहीं है, बल्कि दुनिया के कई देशों में भी है। हम सभी ने अखबारों, मैगजीन या टीवी पर दुबई की तस्वीरें देखी होंगी, जिसमें दुकानों में भर-भर कर जेवरात दिखाई देते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, न्यूयॉर्क में सोना मजबूती के साथ 1741 डॉलर प्रति औंस और चांदी स्थिरिता के साथ 26.12 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी और भू - राजनीतिक चिंताओं के चलते दिवाली के दौरान सोना बढ़कर 34,000 रुपए प्रति दस ग्राम तक पहूंच सकता है। विश्लेषकों ने यह अनुमान जताया।
उत्तरी कोरिया और अमेरिका के बीच तनाव ने सोने की निवेश मांग को बढ़ा दिया है। अमेरिकी डॉलर में गिरावट की वजह से भी सोने का भाव मजबूत हो रहा है
सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं तो जल्दी करें क्योंकि आने वाले दिनों में इसका भाव 2000-2500 रुपए प्रत 10 ग्राम तक बढ़ोतरी हो सकती है।
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