वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रॉपर्टी बाजार को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई ऐलान की है। इसका असर रियल्टी मार्केट पर दिखाई देगा।
रियल एस्टेट सेक्टर में पिछले 4 सालों में जबरदस्त तेजी रही है। इसके चलते प्रॉपर्टी की कीमत में बड़ा उछाल आय है। हालांकि, 2025 में इसमें थोड़ी सुस्ती दिखेगी। प्रॉपर्टी की मांग बनी रहेगी लेकिन कीमत में बड़ी तेजी की संभावना नहीं है।
शहरी क्षेत्रों में घर लेने वाली की संख्या वर्ष 2025 में बढ़कर 72 प्रतिशत तक होने की आशा है जो 2020 में केवल 65 प्रतिशत थी। यह डाटा रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अगले 5 वर्ष तक शहरीकरण के बढ़ते ग्राफ और इसके कारण घर लेने वालों की संख्या बढ़ने की ओर इशारा कर रहा है।
2024 में प्रीमियम प्रॉपर्टी की मांग जबरदस्त रही। वहीं, मिड और लोअर मिड सेगमेंट के लिए सप्लाई में कमी एक बड़ी चिंता बनी रही। विशेषज्ञों का कहना है कि 2025 में इस असंतुलन को दूर करने के लिए ठोस नीतिगत सुधारों की आवश्यकता है।
मुंबई मेट्रो रीजन 2024 में लगभग 1,55,335 इकाइयों की बिक्री के साथ सबसे अधिक बिक्री देखी गई। बेंगलुरू में भी आवास बिक्री में 2% की मामूली वार्षिक वृद्धि देखी गई। वहीं, NCR 2024 में में घरों की बिक्री घटकर 61,900 रहने का अनुमान है।
प्रॉपइक्विटी के अनुसार, दिल्ली और एनसीआर में मकान की कीमतों में 2019 से 137 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2019 और सितंबर, 2024 के बीच नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में घरों की कीमतें दोगुनी से अधिक हो गईं हैं।
अगर आपने कोई प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट के लिए खरीदी है और अब उसे बेचकर शानदार रिटर्न प्राप्त करना चाहते हैं तो ये टिप्स आपके काम आ सकते हैं।
दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सबसे अधिक 32 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई। इसके बाद बेंगलुरू में 24 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई।
क्रेडाई के अध्यक्ष बोमन ईरानी ने 25वें स्थापना दिवस के मौके पर ये भी सुझाव दिया कि सरकार को किफायती और मध्यम आय वर्ग के लिए आवास की मांग को बढ़ावा देने के लिए 75-80 लाख रुपये तक की लागत वाले निर्माणाधीन मकानों पर 1 प्रतिशत जीएसटी लगाना चाहिए।
रियल एस्टेट के जानकारों का कहना है कि बुकिंग के समय ही लीगल डक्यूमेंट्स होने से बिल्डर की मनमर्जी नहीं चलेगी। वह अपनी मर्जी से किसी बायर्स का फ्लैट कैंसल नहीं कर पाएंगे।
मार्च में, प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स ने टाउनशिप विकसित करने के लिए सिद्धार्थ विहार, इंदिरापुरम एक्सटेंशन, गाजियाबाद में 62.5 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था।
45-90 लाख रुपये का बजट रेंज 35 प्रतिशत से अधिक संभावित घर खरीदारों के लिए सबसे पसंदीदा विकल्प बना हुआ है। वर्तमान में, सर्वेक्षण के 28% से अधिक उत्तरदाताओं ने 90 लाख रुपये से 1.5 करोड़ रुपये के बीच की कीमत वाले घरों को अपनी प्राथमिकता बताई है।
त्योहारी सीजन में घर खरीदने से पहले पूरी तरह से रिसर्च करें और जल्दबाजी में फैसला न लें। आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से प्रॉपर्टी के बारे में रिसर्च करें।
अंतरिक्ष इंडिया के सीएमडी राकेश यादव ने कहा कि आरबीआई द्वारा प्रमुख नीतिगत दरों को बनाए रखने का निर्णय वर्तमान व्यापक आर्थिक स्थितियों और भविष्य के दृष्टिकोण का आकलन दर्शाता है।
वर्कस्पेस यानी ऑफिस स्पेस की डिमांड 1.61 करोड़ वर्ग फुट से 18 प्रतिशत बढ़कर 1.9 करोड़ वर्ग फुट हो गई। ये वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) स्थापित करने की इच्छा रखने वाली मल्टीनेशनल कंपनियों की हाई डिमांड से प्रेरित रही।
पीठ ने अपने आदेश में कहा कि वर्तमान आवेदन के लंबित रहने के बावजूद एनसीएलएटी कॉरपोरेट देनदार (सुपरटेक लिमिटेड) की 17 परियोजनाओं के लिए एनबीसीसी के प्रस्ताव की जांच कर सकता है और उसपर फैसला ले सकता है।
एक्सपर्ट का कहना है कि होम बायर्स जिस किसी भी प्रोजेक्ट में घर बुक करने की योजना बना रहे हैं, उसमें ही रीसेल में प्रॉपर्टी ढूंढें। कोरोना के बाद से रियल एस्टेट में भर-भर के निवेशकों ने पैसा लगाया है।
राम किशोर अरोड़ा के वकील ने कहा कि बैंक की बकाया राशि के 100 प्रतिशत भुगतान के लिए एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है, जिसका उल्लेख बैंक को दिए गए आवेदन में किया गया है।
बेंगलुरु में जुलाई-सितंबर के दौरान आवास बिक्री 26 प्रतिशत घटकर 13,355 इकाई रहने का अनुमान है, जो एक साल पहले की अवधि में 17,978 इकाई थी।
रियल्टी एक्सपर्ट का कहना है कि एक ओर घरों की कीमत आसमान पर पहुंच रही हैं, वहीं सैंकड़ों प्रोजेक्ट सालों से अटके पड़े हुए हैं। अगर उनका काम पूरा हो तो प्रॉपर्टी बाजार में सप्लाई बढ़ेगी और प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमत पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
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