रियल एस्टेट क्षेत्र के शीर्ष संगठन क्रेडाई ने रेपो दर में 0.5 प्रतिशत की कटौती के आरबीआई के फैसले को साहसिक कदम बताया और कहा कि इससे आवासीय संपत्तियों की बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी।
घर की जबरदस्त मांग ने अटके प्रोजेक्ट बनाने का रास्ता खोला दिया है। इसका फायदा सालों से इंतजा कर रहे होम बायर्स को मिला है।
एक्सप्रेसवे/हाइवे के पास प्रॉपर्टी खरीदना फायदे और नुकसान दोनों का सौदा हो सकता है। इसलिए कुछ बातों का जरूर ख्याल रखें।
रियल एस्टेट सेक्टर के जानकारों का कहना है कि पिछले एक साल से प्रॉपर्टी की मांग में लगातार गिरावट आ रही है।
मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर कराने की तैयारी कर रहा है।
Akshaya Tritiya 2025: अक्षय तृतीया सदैव समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक रहा है। इस अवसर पर दिल्ली–एनसीआर और मुंबई में घरों की जबरदस्त बुकिंग होती है।
घर खरीदना बहुत ही बड़ा वित्तीय फैसला होता है। इसलिए इसमें सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। जल्दबाजी में किया हुआ फैसला बड़ा नुकसान करा सकता है।
शीर्ष सात शहरों में घरों की बिक्री जनवरी-मार्च, 2025 में 28 प्रतिशत घटकर 93,280 यूनिट्स रह गई, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा 1.30 लाख इकाई से अधिक था।
रियल एस्टेट मार्केट में जबरदस्त तेजी है। इसके चलते घरों की रिकॉर्ड बिक्री हो रही है। अगर आप भी घर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कुछ बातों को पहले जान लें।
नोएडा के सेक्टर 128 में जेपी इंफ्राटेक के कार्यालय के पास आक्रोशित घर खरीदारों ने प्रदर्शन किया, नारे लगाए और बैरिकेड्स तोड़ दिए, जिसके परिणामस्वरूप भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
रियल एस्टेट क्षेत्र, विशेष रूप से किफायती और मिड-सेगमेंट हाउसिंग में, इस कदम से मांग में बढ़ोतरी और निवेश को बल मिलेगा।
पिछले 4 साल में घरों की कीमत अनाप-शनाप तरीके से बढ़ी है। इसके चलते अफोर्डेबल हाउस भी अब करोड़ के हो गए हैं। इसके चलते ये घर अब मिडिल क्लास के बजट के बाहर निकल गए हैं।
रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 की धारा 17 के मुताबिक, किसी भी अचल संपत्ति की बिक्री का रजिस्ट्रेशन जरूरी है, अगर उसकी कीमत 100 रुपये से ज्यादा है।
प्रॉपर्टी कंसल्टेंट कंपनी एनारॉक की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में बेचे जाने वाले 4.60 लाख घरों में से 42% से अधिक नए लॉन्च किए गए प्रोजेक्ट में थे।
हैदराबाद में बिक्री में 47% की गिरावट आ सकती है। हैदराबाद में बिक्री घटकर 11,114 इकाई रहने का अनुमान है। इसी तरह कोलकाता में भी घरों की बिक्री 5,882 इकाई की तुलना में 28% घटकर 4,219 इकाई रहने का अनुमान है।
सीबीआरई की रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2024 में सीमेंट, इस्पात और एल्युमीनियम की लागत में वार्षिक आधार पर क्रमशः 6-8 प्रतिशत, 3-5 प्रतिशत और 0-2 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि पेंट की लागत स्थिर रही।
प्रॉपर्टी बाजार में मांग बनी हुई है। इस मांग को तेज करने का काम स्टॉक मार्केट की सुस्त रफ्तार ने भी किया है। वक्त की नजाकत को समझते हुए रियल एस्टेट डेवलपर्स एक के बाद एक प्रोजेक्ट लॉन्च कर रहे हैं।
पिछले साल 1,52,552 करोड़ रुपये की 1,78,771 यूनिट्स की बिक्री हुई है। जबकि, साल 2023 में यहां 1,27,505 करोड़ रुपये में 1,71,903 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। साल 2023 के मुकाबले 2024 में 4 प्रतिशत ज्यादा घर बिके हैं। इसी तरह, 2023 के मुकाबले 2024 में कुल सेल्स प्राइस 20 प्रतिशत बढ़ा है।
अगर आप लोन पर घर लेने जा रहे हैं और आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो बैंक आपको प्रॉपर्टी की कीमत का 90 प्रतिशत लोन दे सकते हैं। लेकिन यहां आपको समझदारी से फैसला लेते हुए ज्यादा से ज्यादा डाउन पेमेंट करनी चाहिए। ताकि, आपकी जेब पर ऊंची और लंबे समय तक चलने वाली ईएमआई का ज्यादा बोझ न पड़े।
रियल एस्टेट में निवेश डूबने का खतरा नहीं होता है। पैसा हमेशा सुरक्षित रहता है। अगर आप ने सही प्रॉपर्टी की खरीदारी कि है तो लंबी अवधि में एक शानदार रिटर्न मिलना तय होता है।
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