चीन से सीमा विवाद पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज संसद में बड़ा बयान दे सकते हैं। बता दें कि 9 महीने के तनाव के बाद भारत और चीन की सेना सीमा पर पीछे हट रही है। इसी मुद्दे पर राजनाथ सिंह संसद में अपना बयान दे रहे हैं।
पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन के बीच जारी गतिरोध के बीच सिक्किम के नाकु ला में LAC पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प और हाथापाई हुई। नाकु ला में भारतीय जवान पैट्रोलिंग कर रहे थे तभी उन्होंने सामने से चीनी सैनिकों को आते देखा।
चीन से जारी तनाव के बीच सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कहा है कि हमारे दुश्मन जिस तरह रक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण तेजी से कर रहे हैं उस हिसाब से स्पीड में हम थोड़ा पीछे छूट रहे हैं।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के कुछ अन्य सदस्यों ने रक्षा मामले की संसदीय समिति की बैठक से बुधवार को यह आरोप लगाते हुए वॉकआउट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दे की बजाय सशस्त्र बलों की वर्दी के रंग पर चर्चा करने में समय बर्बाद किया जा रहा है।
भारत ने शुक्रवार को कहा कि पिछले छह महीने में पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध चीन की कार्रवाइयों का परिणाम है क्योंकि चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति को ‘एकतरफा ढंग से बदलने’ की कोशिश की है।
भारत और चीन के बीच पिछले करीब आठ महीने से पूर्वी लद्दाख में बने गतिरोध और आमने-सामने तैनात दोनों देशों के जवानों के बीच अब तक कई दौर की बैठक हुई लेकिन नतीजा नहीं निकल पाया है।
विदेश मंत्री ने कहा कि चीन ने एलएसी पर भारी साजो-सामान के साथ दसियों हजार सैनिकों की तैनाती कर दी है। इससे हमारे संबंधों को नुकसान हुआ है। पूर्वी लद्दाख का मसला अब बहुत बड़े मुद्दे में तब्दील हो गया है।
लद्दाख में 14000 फीट की ऊंचाई पर भारतीय सेनाओं को डटा देख चीन भौचक्का रह गया है जिसके कारण अब उसे अंतिम वक्त में अपनी रणनीति बदलनी पड़ रही है।
लद्दाख सीमा पर भारतीय सैनिकों ने एक चीनी सैनिक को पकड़ा है। डेमचॉक इलाके में पकड़े गए इस चीनी सैनिक के पास से कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं। चीनी सैनिक के पकड़े जाने के बाद बार-बाद युद्ध की धमकी देने वाली चीनी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने एक बड़ा बयान दिया है।
पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को हिंसक झड़पों में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गये थे जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बहुत बढ़ गया था। चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी के जवान भी हताहत हुए थे लेकिन उसने स्पष्ट संख्या नहीं बताई।
लद्दाख पर चीन की टिप्पणी के बाद भारत ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। भारत ने साफ साफ कहा है कि चीन को भारत के आंतरिक मसलों में दखल देने का कोई अधिकार नहीं। उन्होंने कहा कि केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे, हैं और रहेंगे।
पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आगामी 17 नवंबर को ब्रिक्स की बैठक में आमने-सामने हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, "हमने उनसे सीमा की ओर बढ़ने की कभी उम्मीद नहीं की थी। लेकिन भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना दोनों ने इसका तेजी से रिकॉर्ड समय में जवाब दिया।"
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को हल करने के लिए एक बार फिर से आगामी 12 अक्तूबर (सोमवार) को कोर कमांडर-स्तरीय वार्ता होगी।
वायुसेना में इन लड़ाकू विमानों को शामिल किये जाने के 10 दिनों से भी कम समय के अंदर लद्दाख में उनकी तैनाती की जाने वाली है। अंबाला में 10 सितंबर को एक समारोह में पांच राफेल विमानों को वायुसेना में शामिल किया गया था।
इस हफ्ते एफएंडओ एक्सपायरी की वजह से शेयर बाजार में कुछ उतार-चढ़ाव का अनुमान, इसके साथ ही भारत-चीन तनाव और कोरोना संकट पर भी निवेशकों की नजर रहेगी
हर खबर की पीछे की सच्चाई जानने के लिए देखिये हक़ीकत क्या है | 17 सितंबर, 2020
चीन की साइकोलॉलिजकल वॉर वाली कॉन्सपिरेसी बहुत ही खतरनाक है क्योंकि फेसबुक ट्विटर और यूट्यूब के जरिए आम लोगों की सोच पर चोट करने में लगा है ड्रैगन
लद्दाख में चीन और भारत की सेनाएं आमने सामने खड़ी हैं कई मोर्चों पर तो दोनों देशों के सैनिकों के बीच बस कुछ सौ मीटर की दूरी है इंडियन आर्मी टॉप पर है...तो चाइना प्रोपेगैंडा में जुट गया है
रक्षामंत्री ने बताया कि भारत ने चीन को डिप्लोमैटिक तथा सैनिक माध्यम से बताया है कि इस प्रकार की गतिविधियां स्टेटस को को बदलने का प्रयास है और यह प्रयास हमें मंजूर नहीं है।
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