शुक्रवार को पूर्वोत्तर राज्य के पांच जिलों में लोगों ने ‘‘स्वेच्छा से’’ कई हथियार और गोला-बारूद पुलिस को सौंपे। टेंग्नौपाल, इंफाल पूर्व, कांगपोकपी, इंफाल पश्चिम और थौबल जिलों में सौंपे गए इन हथियारों में राइफल, ग्रेनेड, मोर्टार और देसी हथगोले शामिल हैं।
मणिपुर में हिंसा के दौरान लूटे गए अवैध हथियारों को लौटाने की आखिरी समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है। इसके अनुसार हथियार जमा करने की आखिरी तारीख को बढ़ाकर 6 मार्च तक कर दिया गया है।
मणिपुर में हिंसा के चलते लंबे समय से अशांति बनी हुई है। राज्य में कानून व्यवस्था लागू करने में नाकाम रहने के कारण मुख्यमंत्री इस्तीफा भी दे चुके हैं। इस बीच राज्य के छह जिलों से 104 हथियार बरामद हुए हैं।
मणिपुर में गवर्नर अजय कुमार भल्ला की अपील पर लूटे गए हथियार लौटाए जा रहे हैं। 7 जिलों में 87 हथियार और गोला-बारूद पुलिस को सौंपे गए।
मणिपुर में पेपर लीक की खबर को लेकर BOSEM ने पुलिस स्टेशन में शिकायत की है। बोर्ड सचिव ने कहा है कि मामले की जांच शुरू हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड एग्जाम के उचित संचालन के लिए अपने लेवल पर काम कर रहा है।
मणिपुर में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला की अपील के बाद 3 जिलों में 15 हथियार पुलिस को सौंपे गए। इंफाल पश्चिम जिले के सिंगजामेई पुलिस थाने में एक SMC कार्बाइन, डबल बैरल गन, और हैंड ग्रेनेड समेत 4 हथियार सरेंडर किए गए।
इंफाल पूर्वी जिले के अचनबिगेई मानिंग लेईकाई से जी5 संगठन के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। उन पर सेकमाई, इरिलबंग, कोइरेंगेई और पटसोई इलाकों में रेत से लदे ट्रकों से जबरन वसूली करने का आरोप है।
मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने चेतावनी जारी की है। उन्होंने लोगों से 7 दिन के अंदर लूटे गए और अवैध हथियारों को लौटाने को कहा है।
मणिपुर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षाबलों ने दो जिलों से नौ उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल उग्रवादियों से पूछताछ की जा रही है।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने पर भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा कि विधानसभा को भंग नहीं किया गया है, बल्कि उसे निलंबित रखा गया है। इसका मतलब नई राज्य सरकार के गठन की संभावना बनी हुई है।
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। राज्य की विधानसभा को भी भंग कर दिया गया है। ऐसे में भारतीय जतना पार्टी अब राज्य में स्थिति में सुधार होने के बाद सदन को भी बहाल कर सकती है।
मणिपुर में सीआरपीएफ के एक जवान ने अपने ही कैंप में अंधाधुंध फायरिंग की। गोलीबारी में हमलावर सहित तीन जवानों की मौत हुई है और 8 जवान घायल हुए हैं। सीआरपीएफ अधिकारी कैंप में पहुंच जांच में जुटे हैं।
हिंसा की मार झेल रहे भारत के राज्य मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है। गृह मंत्रालय ने इस बारे में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
मणिपुर के राज्यपाल ने 10 फरवरी से शुरू होने वाले मणिपुर विधानसभा सत्र को पहले ही अमान्य घोषित कर दिया है। राज्य में विधानसभा का अंतिम सत्र 12 अगस्त, 2024 को संपन्न हुआ था।
प्रतिबंधित संगठन कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी के दो उग्रवादियों को सोमवार को इंफाल पश्चिम जिले के रूपमहल टैंक इलाके से गिरफ्तार किया गया। वे रूपमहल टैंक क्षेत्र में जबरन वसूली की गतिविधियों में शामिल थे।
मणिपुर में एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद अगले सीएम के नाम पर चर्चा तेज हो गई है। इस बीच मणिपुर में भाजपा के प्रदेश मामलों के प्रभारी संबित पात्रा ने विधायकों के साथ बैठक की।
पिछले 20 महीने से हिंसक वारदातें झेल रहे मणिपुर की चर्चा पूरे देश में हो रही है। इस बीच सीएम बीरेन सिंह ने अपने पद से रविवार को इस्तीफा दे दिया है। जानें मणिपुर हिंसा की वजह और पूरी टाइमलाइन...
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इंफाल के राजभवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा पत्र सौंपा।
मणिपुर के सीएम एन. बीरेन सिंह शनिवार को दिल्ली रवाना हुए। इससे पहले उन्होंने कहा कि राज्य में शांति बहाल करने के लिए सरकार सभी प्रयास कर रही है।
मणिपुर पिछले कई महीनों से हिंसा की चपेट में है। राज्य के कई जिलों में आगजनी और लूटपाट की घटनाएं सामने आई हैं। मणिपुर में चप्पे-चप्पे पर सेना और पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।
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