मणिपुर में शांति व्यवस्था कायम रखने की दिशा में मणिपुर पुलिस को बड़ी उपलब्धि हासिल हुए हैं। दरअसल राज्य के लोगों ने मणिपुर हिंसा के दौरान लूटे और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को स्वेच्छा से लौटा दिया है। पुलिस ने लोगों से लूटे गए हथियार वापस करने की अपील की थी और उन्हें दो हफ्ते का टाइम भी दिया था। साथ ही इस टाइम पीरियड के दौरान हथियार वापस करने वालों पर कोई कार्रवाई न करने की बात भी कही थी।
इसी अपील के फलस्वरूप लोगों ने जातीय हिंसा के समय लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को दो सप्ताह की समयसीमा में सुरक्षा बलों को गोला-बारूद समेत एक हजार से अधिक हथियार सौंपे हैं। हालांकि, अभी यह आंकड़ा अस्थायी है और इंफाल में अधिकारियों के पास सभी जिलों से विवरण पहुंचने के बाद सौंपे गए हथियारों की असल संख्या बढ़ने की संभावना है। इंफाल में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लागू है। अधिकारी यहां लूटे गए हथियारों और अवैध रूप से खरीदे गए हथियारों को अलग करेंगे।
पुलिस अधिकारी ने कहा,"समर्पण टाइम पीरिएड के दौरान घाटी के 5 जिलों, 5 पहाड़ी जिलों और जिरीबाम में लोगों ने लगभग 1,023 हथियार सौंप दिए हैं।" पूर्वोत्तर राज्य के शेष पांच जिले नगा बहुल हैं, जहां 3 मई 2023 के बाद से जातीय हिंसा की कोई सूचना नहीं हैं। वहीं, अन्य 11 जिलों में 3 मई 2023 से अब तक मेइती समुदाय और कुकी समुदाय के बीच संघर्ष में कम से कम 250 लोग मारे जा चुके और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। पहाड़ी क्षेत्र कुकी समुदाय बहुल इलाके हैं जबकि घाटी इलाकों में मेइती समुदाय के लोगों की ज्यादा हैं।
बता दें कि प्रदेश के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने लोगों से 20 फरवरी को सुरक्षा बलों से लूटे गए हथियारों और अवैध रूप से रखे गए अन्य हथियारों को 7 दिनों के भीतर खुद से सौंपने की अपील की थी।
वहीं, लोगों की ओर से अतिरिक्त समय की मांग के बाद इस समयसीमा को 6 मार्च शाम 4 बजे तक बढ़ाया गया था। प्रशासन ने लोगों को आश्वासन दिया था कि इस समय के भीतर अपने हथियार सौंपने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी और इस बात पर बल दिया था कि ‘यह शांति, सांप्रदायिक सद्भाव, युवाओं के भविष्य और हमारे समाज की सुरक्षा में योगदान देने का अंतिम मौका है’।
उन्होंने आगे कहा कि सौंपे गए हथियारों में 9 एमएम पिस्तौल, सब-मशीन गन (एसएमजी), कोल्ट-मशीन गन (सीएमजी), सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), बदलाव के साथ स्नाइपर, चीनी ग्रेनेड, इंसास और एके 56 राइफल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, लोगों ने पिछले दो हफ्ते के दौरान ‘बुलेटप्रूफ जैकेट’, ‘हेलमेट’, ‘रेडियो सेट’, वर्दी, जूते और स्थानीय रूप से निर्मित मोर्टार (पोम्पी) जैसी चीजें भी लौटाईं।
पुलिस ने एक बयान में कहा कि खुद से हथियार लौटाने की समय सीमा खत्म होने के बाद सुरक्षा बलों ने राज्य के विभिन्न स्थानों में तलाशी अभियान के दौरान 36 हथियार, 129 गोला-बारूद, 7 विस्फोटक, 21 अन्य वस्तुएं बरामद कीं और 15 अवैध बंकरों को भी नष्ट किया। बता दें कि सीएम एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था और विधानसभा को सस्पेंड कर दिया था। वहीं, इस विधानसभा का कार्यकाल आगामी साल 2027 तक था।
(इनपुट- PTI)
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