बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने लखनऊ और कानपुर मंडल के प्रभारी समसुद्दीन राइन को पार्टी से निकाल दिया है। पार्टी की तरफ से गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि उन्हें पार्टी में अनुशासनहीनता अपनाने और गुटबाजी पैदा करने के कारण पार्टी से निकाला गया है। पार्टी के पत्र में बताया गया है कि जांसी के रहने वाले समसुद्दीन को बहुजन समाज पार्टी के यूपी अध्यक्ष ने समसुद्दीन राईन को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
पत्र में बताया गया है कि अनुशासनहीनता और गुटबाजी के मामले में समसुद्दीन राईन को पहले भी कई बार चेतावनी भी दी जा चुकी है। इसके बावजूद उनकी गतिविधियों और कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया है। इस मामले को से पार्टी और मूवमेंट के हित में बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती जी के संज्ञान में लाया गया और समसुद्दीन को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।

यूपी विधानसभा चुनाव में एक साल से ज्यादा का समय बाकी है, लेकिन मायावती पहले ही साफ कर चुकी हैं कि अगला विधानसभा चुनाव उनकी पार्टी अकेले लड़ेगी। उन्होंने कहा कि इससे पहले उन्होंने जब भी किसी दूसरी पार्टी के साथ गठबंधन किया, तब उन्हें नुकसान ही हुआ है। इसी वजह से आगामी चुनाव में उनकी पार्टी अकेले ही लड़ेगी। मायावती ने बसपा संस्थापक कांशीराम के 19वें परिनिर्वाण दिवस पर लखनऊ में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि पूर्व में किये गये गठबंधनों से सिर्फ सहयोगी दलों को ही फायदा हुआ है, जबकि बसपा को उनके वोट बैंक का कोई खास सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा था, "अब तक के अपने अनुभव के आधार पर, मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि जब भी हमारी पार्टी ने गठबंधन में विधानसभा चुनाव लड़ा है। खासकर उत्तर प्रदेश में हमें कोई खास फायदा नहीं हुआ है।"
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