Tuesday, February 17, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पश्चिम बंगाल
  3. बंगाल के राज्यपाल ने जादवपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति को रिटायर होने से 4 दिन पहले हटाया

बंगाल के राज्यपाल ने जादवपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति को रिटायर होने से 4 दिन पहले हटाया

Edited By: Khushbu Rawal @khushburawal2 Published : Mar 28, 2025 07:22 pm IST, Updated : Mar 28, 2025 07:22 pm IST

डॉ. भास्कर गुप्ता का प्रोफेसर के तौर पर कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त होने वाला है। चार दिन पहले 27 मार्च को राजभवन से एक अधिसूचना जारी कर कहा गया है कि भास्कर अब कुलपति के पद पर नहीं रहेंगे। यानी उन्हें समय से पहले ही हटा दिया गया।

bhaskar gupta- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO डॉ. भास्कर गुप्ता

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने 31 मार्च को रिटायर होने वाले जादवपुर विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति डॉ. भास्कर गुप्ता को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। राजभवन ने एक बयान में यह जानकारी दी। बोस ने गुप्ता को कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया था। राज्यपाल राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हैं।

कुलपति को हटाने की क्या है वजह?

राज्यपाल सचिवालय ने 27 मार्च को जारी एक बयान में कहा, ‘‘20 अप्रैल, 2024 के आदेश से प्रोफेसर भास्कर गुप्ता को यादवपुर विश्वविद्यालय के कुलपति की शक्तियों का इस्तेमाल करने और कर्तव्यों का पालन करने के लिए अधिकृत किया था, लेकिन इसे वापस ले गया है और यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा।’’ नोटिस में यह भी कहा गया कि इस निर्णय को कुलाधिपति द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है तथा इसकी एक प्रति आवश्यक कार्रवाई के लिए रजिस्ट्रार को भेज दी गई है।

पिछले सप्ताह जब राज्यपाल से यह पूछा गया था कि क्या गुप्ता को उनका कार्यकाल बढ़ाकर स्थायी कुलपति बनाया जाएगा या फिर खोज समिति की सिफारिशों के आधार पर नया कुलपति नियुक्त किया जाएगा, तो उन्होंने संवाददाताओं से कहा था,‘‘आपको पत चल जाएगा कि वह सेवानिवृत्त होते हैं या फिर (कुलपति के तौर पर) वापसी करते हैं। हम सही समय पर उचित निर्णय लेंगे।’’

डेढ़ साल से स्थायी कुलपति के बिना काम कर रही यूनिवर्सिटी

पूर्व कुलपति सुरंजन दास का कार्यकाल समाप्त होने के बाद, जादवपुर विश्वविद्यालय डेढ़ साल से अधिक समय से स्थायी कुलपति के बिना काम कर रहा है। जादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (JUTA) के महासचिव पार्थ प्रतिम रॉय ने बताया, ‘‘हमने हाल में राज्यपाल को पत्र लिखकर उनसे अनिश्चितता समाप्त करने की अपील की है, क्योंकि स्थायी कुलपति की लंबे समय से अनुपस्थिति विश्वविद्यालय में प्रशासनिक और शैक्षणिक दोनों कामकाज को प्रभावित कर रही है। हमें उम्मीद है कि गतिरोध जल्द ही समाप्त हो जाएगा।’’

इस बीच, अंग्रेजी विभाग के प्रमुख और सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस के समर्थक ‘वेस्ट बेंगाल कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी प्रोफेसर्स एसोसिएशन (डब्ल्यूबीसीयूपीए)’ के पदाधिकारी मनोजीत मंडल ने बोस के निर्णय की आलोचना करते हुए कहा कि यही मानक सभी विश्वविद्यालयों में लागू नहीं किया गया है।

जबरन हटाए जाने पर क्या बोले भास्कर गुप्ता?

भास्कर गुप्ता ने एक मीडिया संस्थान को बताया कि पत्र में यह आदेश जारी करने का कोई कारण नहीं बताया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वविद्यालय से प्रेम है। जब विश्वविद्यालय बुलाएगा तो वह आ जाएगा। (भाषा इनपुट्स के साथ)

यह भी पढ़ें-

टीएमसी से बीजेपी में आए पूर्व सांसद के घर हमला, बदमाशों ने गोलीबारी की बम बरसाए, एक घायल

TMC के 30 विधायकों की लिस्ट तैयार, ममता बनर्जी के लंदन से लौटते ही गिरेगी गाज

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। पश्चिम बंगाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement