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इजरायली बंधक को हमास ने अपनी ही कब्र खोदने को किया मजबूर, कई दिनों की भूख से शरीर बन चुका कंकाल

 Published : Aug 03, 2025 04:28 pm IST,  Updated : Aug 03, 2025 04:28 pm IST

हमास आतंकियों द्वारा एक इजरायली बंधक से सुरंग में अपनी ही कब्र खोदने के लिए मजबूर करते दिखाया गया है। इजरायली बंधक कई दिनों से भूखा दिख रहा है, जिससे उसका शरीर भी कंकाल हो चुका है।

गाजा की सुरंग में रह रहे इजरायली बंधक से जबरन कब्र खोदवाते हमास आतंकी। - India TV Hindi
गाजा की सुरंग में रह रहे इजरायली बंधक से जबरन कब्र खोदवाते हमास आतंकी। Image Source : X@EYLONALEVY

गाजाः हमास के आतंकियों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए एक इजरायली बंधक को कैमरे के सामने उससे उपनी ही कब्र खोदनेके लिए मजबूर कर दिया। इस सनसनीखेज वीडियो को देखने के बाद किसी का भी दिल दहल सकता है। इस वीडियो को इजरायल सरकार के एक पूर्व प्रवक्ता ने अपने एक्स एकाउंट पर शेयर किया है। 

कितना मनोविकृत है हमास

हमास की इस तथाकथित दरिंदगी का वीडियो शेयर करते हुए इजरायल के पूर्व प्रवक्ता ईलोन लेवी ने लिखा, "हमास कितना मनोविकृत (साइकोपैथिक) है? उसने भूख से तड़प रहे बंधक एव्यातार डेविड को कैमरों के सामने अपनी ही कब्र खुदवाने के लिए मजबूर किया। यदि यह घटना प्रमाणित हो जाती है, तो यह अत्यंत अमानवीय और मानसिक यातना का गंभीर उदाहरण होगा।"

हमास की क्रूरता का चरम उदाहरण

हमास द्वारा किए गए कृत्य अक्सर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बने रहते हैं, लेकिन अगर यह दावा सत्य है कि उसने एक भूख से तड़पते बंधक एव्यातार डेविड को कैमरे के सामने अपनी ही कब्र खोदने के लिए मजबूर किया तो यह न केवल क्रूरता का चरम है, बल्कि मनोविकृति का भी स्पष्ट प्रमाण है। मनोविकृति एक मानसिक स्थिति है, जिसमें व्यक्ति में संवेदना, पछतावे, या अपराधबोध की पूर्ण कमी होती है और वह दूसरों की पीड़ा से आनंद या शक्ति की भावना प्राप्त करता है। 

भूख की तड़प से दिख रहा कंकाल

जिस इजरायली बंधक से हमास कब्र खुदवा रहा है, वह कई दिनों से भूखा है। इससे उसके शरीर का कंकाल साफ नजर आ रहा है। ऐसे में साफ है कि किसी भूखे, निर्बल बंधक को इस तरह शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ना, उससे अपनी ही मौत का गड्ढा खुदवाना और इस पूरी प्रक्रिया को कैमरे में रिकॉर्ड करना...ये सब मनोविकारी और सैडिस्टिक व्यवहार की श्रेणियों में आता है। ऐसे कृत्य केवल सैन्य रणनीति नहीं होते, बल्कि इनका उद्देश्य होता है मानवता को झकझोरना, डर पैदा करना, और दुश्मन के मनोबल को तोड़ना। यह न केवल युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन भी है।

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