1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. भारत रूस से रोजाना खरीद रहा 10 लाख बैरल तेल, पुतिन को पस्त करने की यूरोपीय योजना फेल

भारत रूस से रोजाना खरीद रहा 10 लाख बैरल तेल, पुतिन को पस्त करने की यूरोपीय योजना फेल

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Jan 15, 2023 12:58 pm IST,  Updated : Jan 15, 2023 12:59 pm IST

भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात लगातार बढ़ता जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार मौजूदा वक्त में भारत रूस से रोजाना 10 लाख बैरल तेल आयात कर रहा है। इससे रूस के तेल पर प्राइस कैप लगाकर उसे झुकाने की योजना भी फेल हो गई है। भारत कुल कच्चे तेल का 25 फीसदी हिस्सा अकेले रूस से खरीद रहा है। यह तेल उसे काफी सस्ता भी पड़ रहा है।

कच्चा तेल (फाइल फोटो)- India TV Hindi
कच्चा तेल (फाइल फोटो) Image Source : PTI

India Taking Crude Oil from Russia: भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात लगातार बढ़ता जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार मौजूदा वक्त में भारत रूस से रोजाना 10 लाख बैरल तेल आयात कर रहा है। इससे रूस के तेल पर प्राइस कैप लगाकर उसे झुकाने की योजना भी फेल हो गई है। भारत कुल कच्चे तेल का 25 फीसदी हिस्सा अकेले रूस से खरीद रहा है। यह तेल उसे काफी सस्ता भी पड़ रहा है। हालांकि यूरोपीय यूनियन को रूस से तेल लेना अच्छा नहीं लग रहा। बावजूद भारत ने साफ कह दिया था कि रूस उसका पुराना सहयोगी है और वह अपनी ऊर्जा जरूरतों के अनुसार तेल लेता रहेगा।

भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात दिसंबर 2022 में बढ़कर 10 लाख बैरल प्रतिदिन पर पहुंच गया है। ऊर्जा की खेप पर निगाह रखने वाली वॉर्टेक्सा के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। यह लगातारी तीसरा महीना है जबकि भारत के लिए रूस सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। पहली बार रूस से तेल आयात 10 लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक रहा है। रूस 31 मार्च, 2022 को समाप्त साल तक भारत के कुल कच्चा तेल आयात में सिर्फ 0.2 प्रतिशत का योगदान देता था। दिसंबर में उसने भारत को प्रतिदिन 11.9 लाख बैरल कच्चे तेल की आपूर्ति की। इससे पहले नवंबर में रूस से भारत का आयात 9,09,403 बैरल प्रतिदिन था। अक्टूबर, 2022 में यह 9,35,556 बैरल प्रतिदिन था।

जून में भारत ने रूस से लिया रिकॉर्ड मात्रा में तेल

ऊर्जा आसूचना कंपनी वॉर्टेक्सा के अनुसार, रूस से सबसे अधिक कच्चे तेल के आयात का पिछला रिकॉर्ड जून, 2022 में बना था। उस समय भारत ने रूस से प्रतिदिन 9,42,694 बैरल कच्चा तेल खरीदा था। रूस अक्टूबर, 2022 में पहली बार परंपरागत विक्रेताओं को पीछे छोड़ते हुए भारत का प्रमुख कच्चे तेल का आपूर्तिकर्ता बना था। अब भारत के कुल कच्चा तेल आयात में रूस का हिस्सा बढ़कर 25 प्रतिशत हो गया है। उद्योग सूत्रों ने बताया कि यूरोपीय संघ के बीच रूस के समुद्र के रास्ते आयातित कच्चे तेल पर मूल्य सीमा की सहमति बनने के बाद रूस से भारत का कच्चे तेल का आयात ऊंचाई पर पहुंच गया है।

सूत्रों ने बताया कि रूसी तेल के लिए 60 डॉलर प्रति बैरल की सहमति बनी है, जबकि भारत को यह इससे सस्ता मिल रहा है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता और आयातक देश है। यह अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। रिफाइनरियों में कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन में बदला जाता है। वॉर्टेक्सा के अनुसार, भारत ने दिसंबर में इराक से 8,03,228 बैरल प्रतिदिन और सऊदी अरब से 7,18,357 बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का आयात किया। संयुक्त अरब अमीरात दिसंबर, 2022 में 3,23,811 बैरल प्रतिदिन के साथ भारत का चौथा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता रहा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश