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भूटान के विकास में भारत करेगा 10 हजार करोड़ रुपये का सहयोग, अगले पांच वर्षों में दिखेगा बदलाव; हाथ मलता रह जाएगा चीन

Edited By: Amit Mishra Published : Mar 23, 2024 11:31 am IST, Updated : Mar 23, 2024 11:31 am IST

भारत और भूटान के बीच संबंध अटूट हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूटान यात्रा दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को और आगे बढ़ाएगी। भारत भूटान के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और उसे आने वाले वर्षों में आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी।

पीएम मोदी की भूटान यात्रा- India TV Hindi
Image Source : सोशल मीडिया पीएम मोदी की भूटान यात्रा

थिंपू: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भूटान दौरा बेहम अहम माना जा रहा है। पीएम मोदी के इस दौरे से चीन को सदमा तो जरूर लगा होगा। भूटान की भूमि पर भी चीन निगाहें गढ़ाए बैठा है। ऐसे में भरतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भूटान दौरा यह दर्शाता है कि भारत औप भूटान के संबंधों की जड़ें कितनी गहरी हैं। भारत भूटान के विकास को लेकर आने वाले समय में आगे कदम बढ़ाकर कार्य करने को प्रतिबद्ध नजर आ रहा हैष इसी क्रम में पीएम मोदी के भूटान के शीर्ष नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि भारत उसके विकास की आकांक्षाओं में उसका पूरा समर्थन करता है। दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे, व्यापार और ऊर्जा क्षेत्रों में अधिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेंगे। मोदी ने घोषणा करते हुए कहा कि पांच वर्षों में थिंपू को 10,000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत और भूटान के लोगों के बीच आत्मीयता उनके द्विपक्षीय संबंधों को अनूठा बनाती है।

'भूटान के लोगों के दिलों में बसता है भारत'

पीएम मोदी ने कहा कि भारत, भूटान के लोगों के दिलों में बसता है। उनकी यात्रा का उद्देश्य ‘पड़ोस प्रथम’ की नीति के तहत भूटान के साथ भारत के अनूठे संबंधों को और मजबूत बनाना है। दोनों देशों ने कई समझौतों पर भी हस्ताक्षर तिए हैं जिनमें ऊर्जा, व्यापार, डिजिटल कनेक्टिविटी, अंतरिक्ष और कृषि के क्षेत्र में समझौते शामिल हैं। इसके अलावा दोनों देशों के बीच रेल संपर्क की स्थापना पर समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप दिया गया है। मोदी ने भूटान के नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की और प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी की। 

दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर बनी सहमति 

पीएम मोदी ने मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भूटान के महामहिम नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मिलकर बेहद खुशी हुई। हमने अपने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के तरीकों पर बातचीत की।’’ उन्होंने भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे से मुलाकात को लेकर कहा, ‘‘भूटान में प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे के साथ सार्थक वार्ता हुई। हमने भारत-भूटान मित्रता की संपूर्ण श्रृंखला की समीक्षा की और हमारी विकासात्मक साझेदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करने पर सहमति व्यक्त की।’’ प्रधानमंत्री मोदी को यहां भूटान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पाने वाले वो पहले विदेशी शासनाध्यक्ष हैं। भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने प्रधानमंत्री मोदी को इस सम्मान से सम्मानित किया। मोदी ने प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे के साथ भी वार्ता की। 

'अटूट हैं भारत भूटान के संबंध'

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भूटान के लोगों से कहा, ‘‘भारत आपके दिल में बसता है।’’ उन्होंने लोगों को ‘‘भूटान के मेरे प्यारे दोस्तो’’ के रूप में संबोधित किया। इस मौके पर भूटान के पांचवें नरेश जिग्मे खेसर नांग्याल वांगचुक और राजपरिवार के सदस्य भी मौजूद थे। मोदी ने कहा, ‘‘हमारे संबंध अटूट हैं। हमारी मित्रता अटूट है। हमारा आपसी सहयोग अटूट है, खास बात यह है कि हमारा विश्वास भी अटूट है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘एक भारतीय के तौर पर यह मेरे लिए बहुत बड़ा दिन है। आपने मुझे भूटान के सर्वोच्च (नागरिक) पुरस्कार से सम्मानित किया है। जब यह सम्मान किसी दूसरे देश से आता है तो यह विश्वास और मजबूत हो जाता है कि हम दोनों देश सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’’ 

'भूटान के लोगों को धन्यवाद'

मोदी ने कहा कि यह ‘‘हमारे इस विश्वास को बढ़ाता है कि हमारे प्रयासों से’’ दोनों देशों के लोगों का कल्याण हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमें और अधिक मेहनत करने के लिए उत्साह और ऊर्जा देता है। लेकिन यह सम्मान मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह भारत और 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सभी भारतीयों की ओर से मैं भूटान की इस महान भूमि पर विनम्रतापूर्वक इस पुरस्कार को स्वीकार करता हूं।’’ उन्होंने भूटान और वहां के लोगों का तहे दिल से धन्यवाद किया। मोदी ने कहा कि 140 करोड़ भारतीय जानते हैं कि भूटान के लोग ‘‘उनके परिवार के सदस्यों के समान हैं।’’ उन्होंने कहा कि भूटान के लोग भी यह जानते हैं और स्वीकार करते हैं कि ‘‘भारत उनका परिवार है।’’ 

'भूटान के साथ खड़ा है भारत' 

मोदी ने कहा कि एमओयू और समझौते भारत-भूटान संबंधों को गति देंगे। उन्होंने कहा कि भूटान के विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भारत पूरी दृढ़ता से उसके साथ खड़ा है। मोदी ने कहा, ‘‘मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आने वाले पांच साल हमारे संबंधों को एक नयी ऊर्जा देंगे। हम कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे, व्यापार और ऊर्जा क्षेत्रों में बेहतर रास्ते बनाने के लिए काम करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत और भूटान की आकांक्षाएं एक जैसी हैं। हमने 2047 तक विकसित भारत बनाने का निर्णय लिया है जबकि भूटान ने 2034 तक ‘उच्च आय’ राष्ट्र बनने का फैसला किया है।’’ 

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