Israel Hamas War: इजराइल के गाजा पर लगातार हमलों पर मुस्लिम देश इजराइल पर दबाव बढ़ा रहे हैं। तुर्की, ईरान, कतर ने इजराइल से हमलों को रोकने की बात कही है। इसी बीच इराक के एक मौलवी ने अमेरिका के खिलाफ जहर उगला है। उन्होंने इजराइल हमास की जंग के बीच इराक की राजधानी बगदाद में दूतावास बंद करने की धमकी दी है।
इराकी प्रमुख शिया धर्मगुरु मुक्तदा अल-सद्र ने सरकार से गाजा में इजराइली हमलों के लिए अमेरिका द्वारा समर्थन करने पर बगदाद में अमेरिकी दूतावास को बंद करने की मांग की है। इराकी धर्मगुरु अल-सद्र ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, 'हम इस अनुरोध पर सरकार के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'अगर सरकार और संसद (सकारात्मक) प्रतिक्रिया नहीं देते हैं, तो हमारे पास बाद में घोषणा करने के लिए एक और स्थिति होगी।' मुक्तदा अल सद्र इराक में शिया मुसलमानों के सबसे बड़े नेता हैं। उनकी ईरानी धर्म गुरु अयातुल्लाह अली खामेनेई से भी काफी नजदीकी है।
बयान के अनुसार, मौलवी ने अमेरिकी दूतावास में राजनयिकों और कर्मचारियों की सुरक्षा का भी आह्वान किया और सभी इराकियों से व्यक्तिगत रूप से कार्य न करने और न ही हथियारों का उपयोग न करने का आग्रह किया। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, अल-सद्र का अनुरोध इजराइल के लिए अमेरिकी समर्थन पर इराकियों के बीच बढ़ते असंतोष के बीच आया है, जो 7 अक्टूबर को हमास द्वारा किए गए हमले का जवाब देने के लिए गाजा पट्टी में हमले कर रहा है।
इससे पहले मुस्लिम देश तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने इराक से गाजा में किए जा रहे हमलों पर इस 'पागलपन' को रोकने की बात कही है। उन्होंने शनिवार को इजराइल और हमास की जंग पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि गाजा पर हो रहे इजराइल के हमलों को बंद करना चाहिए। उन्होंने इजराइल की ओर से गाजा पर की जा रही कार्रवाई को पागलपन करार दिया है।
तुर्की के राष्ट्रपति ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, 'गाजा पर इजरायली बमबारी कल रात तेज हो गई और एक बार फिर महिलाओं, बच्चों और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में इजरायल ने चल रहे मानवीय संकट को और खराब कर दिया है।' एर्दोआन ने अपने पोस्ट में कहा 'इजरायल को तुरंत इस पागलपन को रोकना चाहिए और अपने हमलों को समाप्त करना चाहिए।' इजरायल और हमास में जारी युद्ध को तीन हफ्ते से अधिक हो चुके हैं। हाल के दिनों में इजरायली सेना ने फिलिस्तीनी क्षेत्र पर हमले तेज कर दिए हैं।
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