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इराक के आतंकी संगठन 'इस्लामिक रेजिस्टेंस ने ली तीन अमेरिकी सैनिकों की जान, पलटवार के लिए US तैयार

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Feb 01, 2024 07:04 am IST,  Updated : Feb 01, 2024 07:04 am IST

जॉर्डन अटैक के लिए इराकी संगठन इस्लामिक रेजिस्टेंस को अमेरिका ने जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही ऐलान किया है कि वह अपने तीन सैनिकों की मौत और 40 से अधिक घायल सैनिकों का बदला लेगा और करारा जवाब देगा।

'इस्लामिक रेजिस्टेंस ने ली तीन अमेरिकी सैनिकों की जान, पलटवार के लिए US तैयार- India TV Hindi
'इस्लामिक रेजिस्टेंस ने ली तीन अमेरिकी सैनिकों की जान, पलटवार के लिए US तैयार Image Source : AP

America on Jordan Attack: जॉर्डन में ड्रोन अटैक के कारण तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी, इस पर अमेरिका बौखलाया हुआ है। खुद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि अपने सैनिकों की मौत का वह करारा जवाब देगा। उधर, अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी का भी जो बाइडेन पर बड़ा प्रेशर है कि वह अमेरिकी सैनिकों की मौत पर जवाबी हमले में देरी न करें। इसी बीच अमेरिका ने उस आतंकी संगठन को ढूंढ निकाला है और जॉर्डन में ड्रोन अटैक करके अमेरिकी सैनिकों की मौत के लिए इस आतंकी संगठन को जिम्मेदार ठहराया है। यह आतंकी संगठन इराक का है, जिसमा नाम 'इस्लामिक रेजिस्टेंस' है।

इजराइल और हमास में 7 अक्टूबर से चल रही जंग के बीच अमेरिकी सैनिक भी मिडिल ईस्ट में डटे हैं। उन पर हुए कई हमलों में से एक जॉर्डन का ड्रोन अटैक भी शामिल है, जिसमें 3 अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई। अमेरिका अपने सैनिकों की मौत पर हमेशा से खतरनाक 'रिएक्ट' करता रहा है। इसी बीच जॉर्डन में ड्रोन हमलों को लेकर अमेरिका के व्हाइट हाउस से आधिकारिक बयान सामने आया है। इसमें इराक के एक आतंकी समूह 'इस्लामिक रेजिस्टेंस' को इसका जिम्मेदार ठहराया गया है। कहा जा रहा है कि यह उग्रवादियों का एक ऐसा समूह है, जिसने तीन अमेरिकी सेवा सदस्यों की जान ले ली थी। 

ताजा हालातों में सीधी गोलीबारी में अमेरिकी सैनिकों की मौत का पहला मामला

इस संबंध में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि 'हमारा मानना है कि जॉर्डन में हमले की योजना, संसाधन और सुविधा इराक में इस्लामिक रेजिस्टेंस नामक एक समूह द्वारा बनाई गई थी, जिसमें कताइब हिजबुल्लाह सहित कई समूह शामिल हैं।' किर्बी ने कहा कि कताइब हिजबुल्लाह पूरी तरह से दोषी नहीं है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आतंकी समूह अमेरिकी ठिकानों पर पिछले हमलों की जिम्मेदारी साझा करता है। उन्होंने आगे बताया कि यह पहली बार है जब हमले के बाद मध्य पूर्व में सीधी गोलीबारी में अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है।

तीन अमेरिकी सैनिकों के मौत के साथ ही 40 सैनिक हुए थे घायल

तीन मौतों के अलावा, 40 से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हो गए, जिनमें से तीन व्यक्तियों को आगे के इलाज के लिए जर्मनी के एक अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जबकि एक की हालत स्थिर और एक की गंभीर बनी हुई है। किर्बी ने आगे कहा कि अमेरिका हमले का जवाब देने के लिए तैयार है, जिसमें कई चरणों में जवाबी हमले की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा, 'हम अपने निर्धारित समय पर अपने समय पर जवाबी कार्रवाई करेंगे। 

बाइडेन पर जवाबी हमले के लिए बढ़ा प्रेशर

इससे पहले जॉर्डन में टॉवर 22 सैन्य चौकी पर आतंकियों के ड्रोन हमले में 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत के मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जवाब दिया था कि हम इसका माकूल जवाब देंगे। इसी बीच रिपब्लिकन पार्टी का जो बाइडेन पर इस बात के लिए भारी दबाव बनाया कि इस हमले का करारा जवाब दिया जाए। इसी बीच मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर अब तक 150 मिसाइल हमले हो चुके हैं। इनमें कम से कम तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए और 34 से ज्यादा घायल हो गए। इसके बाद रिपब्लिकन पार्टी (जीओपी/ग्रैंड ओल्ड पार्टी) का राष्ट्रपति जो बाइडेन पर ईरान पर जवाबी हमला करने का दबाव है। मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर अब तक हुए 150 मिसाइल हमलों में से, यह पहली बार है, जब आतंकवादियों ने पेंटागन की रक्षा ढाल को तोड़ दिया और सैन्य कर्मियों को मार डाला।

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