पेशावर: पाकिस्तान की खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) कमांडर काजिम पर 10 करोड़ पाकिस्तानी रुपये का इनाम घोषित किया है। ऐसा माना जा रहा है कि काजिम हाल में सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक मेजर की हत्या में शामिल था। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि कुर्रम जिले का निवासी काजिम पाराचिनार की ओर जा रहे सैन्य काफिलों और शिया समुदाय के यात्री वाहनों पर हमलों के पीछे भी शामिल था। उस पर कुर्रम के उपायुक्त जावेदुल्लाह महसूद की हत्या की साजिश रचने का भी आरोप है।
जारी की गई है आतंकी की तस्वीर
सूत्रों के अनुसार, वांछित आतंकी की पहली बार स्पष्ट तस्वीर जारी की गई है। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा इनाम तय करने का फैसला प्रांतीय सरकार द्वारा उसकी गिरफ्तारी या सफाया सुनिश्चित करने के संकल्प को दर्शाता है। सरकार ने काजिम से जुड़े तीन अन्य आतंकियों पर भी भारी इनाम घोषित किया है। वहीं, बन्नू जिले में पिछले तीन दिन में अलग-अलग घटनाओं में तीन पुलिसकर्मियों का अपहरण किया गया है, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
TTP के बारे में जानें
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने पाकिस्तान की नींद हराम कर दी है। इसकी स्थापना दिसंबर 2007 में हुई थी। इसे कई छोटे-छोटे गुटों के विलय से बनाया गया था। इसका मकसद पाकिस्तान में इस्लामी शरीयत कानून लागू करना, पाकिस्तान की सेना और सरकार को अमेरिका समर्थक नीतियों से हटाना, अफगान तालिबान के साथ वैचारिक एकता बनाकर इस्लामी अमीरात की स्थापना करना है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का संस्थापक बैतुल्लाह महसूद था जो दक्षिण वजीरिस्तान के महसूद कबीले से ताल्लुक रखता था। अमेरिकी ड्रोन हमले में 2009 में उसकी मौत के बाद हकीमुल्लाह महसूद, फिर फजलुल्लाह और वर्तमान में नूर वली महसूद इस संगठन का प्रमुख है।
अफगान तालिबान से इस मामले में अलग है TTP
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान की विचारधारा कट्टर सुन्नी इस्लामिक है। यह संगठन पाकिस्तान के लोकतांत्रिक संविधान को गैर-इस्लामी मानता है। इनका मानना है कि पाकिस्तान को शरीयत कानून के अनुसार चलाया जाना चाहिए। यह संगठन अफगान तालिबान से प्रेरित है लेकिन उससे अलग इस मायने में है कि अफगान तालिबान की लड़ाई अफगानिस्तान के भीतर रही, जबकि TTP ने पाकिस्तान के भीतर सरकार और सेना से मोर्चा ले रखा है।
TTP ने पाकिस्तान में किए हमले
- अक्टूबर 2009 GHQ हमला: रावलपिंडी में पाकिस्तान की सेना के मुख्यालय पर TTP आतंकियों ने हमला किया जिसमें कई अधिकारी मारे गए।
- दिसंबर 2014 पेशावर स्कूल हमला: यह TTP का सबसे नृशंस हमला था। पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल में आतंकियों ने 150 से ज्यादा बच्चों और शिक्षकों की हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे पाकिस्तान को दहला दिया।
- कराची एयरपोर्ट हमला (2014): आतंकियों ने कराची के जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आत्मघाती हमला किया, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए।
- पुलिस और सेना पर लगातार हमले: हाल के वर्षों में TTP ने खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में सुरक्षाबलों को निशाना बनाया है।
(इनपुट एजेंसी के साथ)
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