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पाकिस्तान में ये है अल्पसंख्यकों का हाल, ईशनिंदा के आरोप में ईसाई शख्स का किया गया बुरा हाल

 Published : Nov 03, 2025 11:14 am IST,  Updated : Nov 03, 2025 11:14 am IST

पाकिस्तान ईशनिंदा के एक और मामले ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक ईसाई शख्स को ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

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Christians In Pakistan Image Source : AP

Pakistan Blasphemy: पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की दुर्दशा है। यहां से ईसाई, हिंदू और अहमदियों पर हो रहे अत्याचार की खबरें लगातार सामने आती रहती है। अब एक बार फिर नेत्रहीन ईसाई शख्स के साथ जो हुआ है वो जानकर आप हैरान रह जाएंगे। मामला पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का है। पाकिस्तान में ईशनिंदा का आरोप साबित होने पर मौत तक की सजा का प्रावधान है। पाकिस्तान के ईशनिंदा जैसे कानून का दुरुपयोग धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने और व्यक्तिगत एवं आर्थिक विवादों को निपटाने के लिए किया जाता रहा है।

'पैगंबर का किया अपमान'

पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में 49 साल के नेत्रहीन ईसाई व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस बारे में जानकारी दी है। नदीम मसीह पर पैगंबर मोहम्मद का अपमान करने का आरोप है और अगर यह आरोप साबित हो जाता है तो उन्हें मौत की सजा हो सकती है। पुलिस अधिकारी मुहम्मद याकूब ने बताया, "मसीह को हाल ही में लाहौर के मॉडल टाउन पार्क से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस को एक पार्किंग ठेकेदार ने बताया कि मसीह ने पैगंबर का अपमान किया है।" मसीह पर पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 295-सी के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनके वकील जावेद सहोत्रा ​​ने कहा कि प्राथमिकी में बड़ी विसंगतियां हैं जिन्हें अदालत में चुनौती दी जाएगी और उम्मीद है कि मसीह को जमानत मिल जाएगी। 

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Image Source : APChristians In Pakistan

पुलिस ने किया प्रताड़ित, मां ने बताया सच

अखबार ‘इंटरनेशनल-मॉर्निंग स्टार न्यूज’ से बातचीत में सहोत्रा ​​ने कहा कि यदि निचली अदालत से मसीह को जमानत नहीं मिलती है तो वह लाहौर उच्च न्यायालय का रुख करेंगे, जो निश्चित रूप से इन तथ्यों को ध्यान में रखेगा। सहोत्रा ​​ने दावा किया कि मसीह, जिसके दाहिने पैर में लोहे की रॉड लगी है, को पुलिस ने हिरासत में प्रताड़ित किया। नदीम मसीह की मां ने कहा कि उनके बेटे को अक्सर एक पार्किंग ठेकेदार और उसके साथियों द्वारा परेशान किया जाता था और उनका मसीह के साथ पैसों को लेकर विवाद था, जिसके कारण उनके खिलाफ ईशनिंदा का आरोप लगाया गया। 

पाकिस्तान में क्या कहता है ईशनिंदा कानून?

पाकिस्तान में ईशनिंदा को लेकर दंड संहिता की धारा 295 से 298 तक सजा का प्रावधान है। कानून के तहत किसी भी व्यक्ति को इस्लाम, पैगंबर मोहम्मद, कुरान या धार्मिक मान्यताओं का अपमान करने पर सख्त सजा दी जाती है। धारा 295-B के तहत कुरान की बेअदबी करने पर आजीवन कारावास, जबकि धारा 295-C के तहत पैगंबर मोहम्मद का अपमान करने पर मौत या आजीवन कारावास की सजा दी जा सकती है। अन्य धाराएं (295-A, 298-A से 298-C) धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या आपत्तिजनक टिप्पणी करने से जुड़ी हैं, जिनमें 3 से 10 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है (भाषा)

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