Taiwan Missile And Underwater Drone: ताइवान पहली बार एक अमेरिकी कंपनी के साथ मिलकर मिसाइल और अंडरवाटर ड्रोन का निर्माण करेगा। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी है। चीन से बढ़ते तनाव के बीच ताइवान अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाना चाहता है। यही वजह हे कि अब ताइवान हथियारों के निर्माण में तेजी से आगे कदम बढ़ा रहा है। ताइवान को हमेशा चीन के हमले का डर बना रहता है। चीन दावा करता है कि ताइवान उसका हिस्सा है। अमेरिका की ओर से ताइवान को हमेशा पूरी मदद मिलती रही है।
ताइवान के राष्ट्रीय चुंग-शान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान ने इस साल की शुरुआत में अमेरिकी रक्षा कंपनी एंडुरिल के साथ मिलकर क्रूज मिसाइल, बाराकुडा-500, का निर्माण करने पर सहमति व्यक्त की थी। इस बीच गुरुवार को, संस्थान और एंडुरिल ने कंपनी के अंडरवाटर ड्रोन के सह-उत्पादन के लिए एक और समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्सके मुताबिक ताइवान के राष्ट्रीय चुंग-शान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के अध्यक्ष ली शिह-चियांग ने कहा कि यह किसी विदेशी कंपनी के साथ ताइवान का पहला ऐसा समझौता है। ली ने कहा, "हमारा उद्देश्य युद्ध की स्थिति में, यहां तक कि नाकाबंदी के दौरान भी, अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक हर हथियार का निर्माण करना है।" एंडुरिल के ताइवान प्रमुख एलेक्स चांग ने कहा कि संयुक्त सहयोग का मकसद बड़े पैमाने पर हथियारों के उत्पादन को बढ़ना है। चांग ने कहा कि अमेरिका और ताइवान बहुत निकटता के साथ काम करेंगे।
ताइवान के राष्ट्रीय चुंग-शान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान ने कहा कि बाराकुडा-500 के लिए ताइवान में आपूर्ति श्रृंखला बनाने में 18 महीने लगेंगे, जिसमें 100 प्रतिशत ताइवानी पुर्जे इस्तेमाल किए जाएंगे। ताइवान ने पिछले एक दशक में सैन्य उपकरणों और हथियारों पर खर्च बढ़ाया है और उसका अपना रक्षा उद्योग भी है। इतना कुछ होने के बाद भी ताइवान चीन को रोकने के लिए अमेरिकी हथियारों पर बहुत अधिक निर्भर है।
एक वरिष्ठ ताइवानी सांसद ने हाल ही में कहा था कि रक्षा मंत्रालय सुरक्षा व्यवस्था को उन्नत करने के लिए रिकॉर्ड 33 अरब डॉलर तक के विशेष आर्थिक पैकेज की मांग करेगा। इसमें ताइवान की वायु रक्षा प्रणालियों को एकीकृत करना, विदेशी साझेदारों से छोटे ड्रोन, रॉकेट और मिसाइलों का पता लगाने और हमले का त्वरित जवाब देने के लिए उन्नत तकनीक हासिल करना, युद्ध के लिए गोला-बारूद के उत्पादन और भंडारण को बढ़ाना शामिल है।
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