Sunday, March 03, 2024
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US and China Conflict: ताइवान पर चीन और अमेरिका के बीच ठनी, क्या आ जाएगी युद्ध की नौबत?

US and China Conflict: ताइवान मसले पर चीन और अमेरिका के बीच ठन गई है। एक तरफ अमेरिका ने जहां चीन को चेतावानी देते हुए कहा था कि यदि उसने ताइवान पर हमला किया तो अमेरिका उसकी रक्षा करेगा।

Dharmendra Kumar Mishra Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Published on: September 19, 2022 19:09 IST
China and America Conflict- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV China and America Conflict

Highlights

  • ताइवान की रक्षा करने के अमेरिकी बयान पर चीन का पलटवार
  • चीन ने कहा एकीकरण के खिलाफ साजिश को नहीं करेंगे बर्दाश्त
  • चीन और अमेरिका के बीच लगातार बढ़ रहा तनाव

US and China Conflict: ताइवान मसले पर चीन और अमेरिका के बीच ठन गई है। एक तरफ अमेरिका ने जहां चीन को चेतावानी देते हुए कहा था कि यदि उसने ताइवान पर हमला किया तो अमेरिका उसकी रक्षा करेगा। वहीं दूसरी तरफ  चीन ने सोमवार को कड़ी प्रतिक्रिया में कहा कि वह ताइवान के शांतिपूर्ण एकीकरण के लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास करेगा और देश को विभाजित करने के उद्देश्य से की गयी किसी भी गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। चीन की इस टिप्पणी को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के ताइवान को लेकर दिए गए बयान के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। इससे चीन और अमेरिका अब खुलकर एक दूसरे के आमने-सामने आ गए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा था

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि यदि चीन स्वशासित ताइवान पर हमला करने की कोशिश करता है, तो अमेरिकी सेना उसकी रक्षा करेगी। चीन इस स्वशासित द्वीप पर अपना दावा करता है। समाचार चैनल ‘सीबीएस न्यूज’ पर प्रसारित ‘60 मिनट्स’ कार्यक्रम के दौरान एक साक्षात्कार में बाइडन से रविवार को पूछा गया कि ‘‘यदि चीन ताइवान पर हमला करता है, तो क्या अमेरिकी सुरक्षाबल, अमेरिकी पुरुष एवं महिलाएं उसकी रक्षा करेंगे।’’ इसके जवाब में बाइडन ने ‘‘हां’’ कहा। ‘सीबीएस न्यूज’ ने बताया कि साक्षात्कार के बाद व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। इस नीति के तहत अमेरिका का मानना है कि ताइवान का मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए, लेकिन नीति यह नहीं बताती कि चीनी हमले की स्थिति में अमेरिकी सुरक्षाबलों को भेजा जा सकता है या नहीं। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने ‘सीबीएस न्यूज’ के साथ बाइडन के साक्षात्कार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोमवार को कहा कि अमेरिकी नेता की इस टिप्पणी ने 'एक चीन' नीति और ताइवान से संबंधित तीन संयुक्त शासकीय परिपत्रों का गंभीर उल्लंघन किया है।

चीन को विभाजित करने का उद्देश्य नहीं होने देंगे सफल-माओ निंग
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि बाइडन की टिप्पणी ने ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करने की अमेरिकी प्रतिबद्धता का गंभीर रूप से उल्लंघन किया और ताइवान की स्वतंत्रता की मांग करने वाली ताकतों को एक गलत संकेत दिया है। चीनी प्रवक्ता ने कहा, ‘‘चीन इसकी निंदा करता है और इसका कड़ा विरोध करता है और इस संबंध में हमने कई अभ्यावेदन शुरू किए हैं।’’ माओ ने कहा, ‘‘चीन केवल एक है और ताइवान इसका हिस्सा है तथा चीनी गणराज्य (पीआरसी) की सरकार पूरे चीन का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र सरकार है।’’ उन्होंने कहा कि मातृभूमि के पूर्ण एकीकरण को प्राप्त करना सभी चीनी लोगों की साझा आकांक्षा और पवित्र कर्तव्य है। माओ ने कहा, ‘‘हम अत्यंत ईमानदारी और प्रयासों के साथ शांतिपूर्ण एकीकरण की संभावना के लिए प्रयास करेंगे। इस बीच, हम चीन को विभाजित करने के उद्देश्य से किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेंगे और हम आवश्यक उपाय करने के सभी विकल्प सुरक्षित रखते हैं।

 नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद से बढ़ा तनाव
माओ निंग ने कहा, ‘‘हम अमेरिका से ताइवान के मुद्दे की अत्यंत महत्वपूर्ण और अत्यधिक संवेदनशील प्रकृति को पूरी तरह से समझने और 'एक चीन' सिद्धांत और तीन संयुक्त शासकीय परिपत्रों का पालन करने का आग्रह करते हैं, ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करने की अमेरिकी नेतृत्व की प्रतिबद्धता को गंभीरता से लागू करें।’’ बाइडन का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की सरकार ने समुद्र में मिसाइल दागकर और निकटवर्ती इलाकों में लड़ाकू विमान भेजकर ताइवान को धमकाने की कोशिश की है। अमेरिका की प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी समेत कई राजनीतिक हस्तियों ने ताइवान की यात्रा की है, जिसके कारण तनाव बढ़ गया है। इस बीच ताइवान के विदेश मंत्रालय ने ‘‘अमेरिकी सरकार के ताइवान की सुरक्षा के पक्के वादे की पुष्टि करने के लिए’’ सोमवार को बाइडन को धन्यवाद दिया।

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