1. Hindi News
  2. विदेश
  3. यूरोप
  4. Russia-Ukraine War: अमेरिका के Peace Plan पर जिनेवा में यूक्रेन और पश्चिमी देशों के बीच बहुत बड़ी बैठक, जेलेंस्की हैं खफा

Russia-Ukraine War: अमेरिका के Peace Plan पर जिनेवा में यूक्रेन और पश्चिमी देशों के बीच बहुत बड़ी बैठक, जेलेंस्की हैं खफा

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Nov 23, 2025 06:59 pm IST,  Updated : Nov 23, 2025 06:59 pm IST

रूस और यूक्रेन के बीच अमेरिका द्वारा पेश की गई शांति योजना पर यूक्रेन और पश्चिमी देश जिनेवा में बड़ी बैठक कर रहे हैं। इसके अगले चरण में अमेरिका के विदेश मंत्री रूबियो भी शामिल होंगे।

जिनेवा में यूक्रेन और पश्चिमी देशों की बड़ी बैठक। - India TV Hindi
जिनेवा में यूक्रेन और पश्चिमी देशों की बड़ी बैठक। Image Source : AP

जिनेवा: रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित शांति योजना पर चर्चा करने के लिए रविवार को यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगी जिनेवा में बड़ी बैठक कर रहे हैं। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, यह बैठक अमेरिकी योजना में रूस के हितों को प्राथमिकता देने के आरोपों के बीच हो रही है। यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख और राष्ट्रपति कार्यालय के मुखिया एंड्रिज यर्माक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ पहली बैठक की। उन्होंने कहा, "हम बहुत रचनात्मक मूड में हैं। हम यूक्रेन के लिए स्थायी और न्यायपूर्ण शांति हासिल करने के लिए एक साथ काम करना जारी रखेंगे। 

अगली बैठक में शामिल होगा अमेरिका

अगली बैठक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ होगी।"अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल और ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की अगुवाई में अमेरिकी टीम भी बातचीत में शामिल होने वाली है। वाशिंगटन द्वारा तैयार की गई इस 28-सूत्री योजना ने कीव और यूरोपीय राजधानियों में चिंता पैदा कर दी है। इसमें रूस की कई मांगें शामिल हैं, जैसे यूक्रेन द्वारा बड़े भूभागों को छोड़ना, सेना का आकार सीमित करना और नाटो सदस्यता से वंचित रहना, जिन्हें राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बार-बार अस्वीकार किया है। 

प्रस्ताव से सहमत नहीं जेलेंस्की

जेलेंस्की ने कहा कि उनका देश संप्रभु अधिकारों की रक्षा और अमेरिकी समर्थन के बीच कठिन विकल्प का सामना कर सकता है। उन्होंने वचन दिया कि उनके लोग "हमेशा अपना घर बचाएंगे।" रविवार को बातचीत से पहले फ्रांस की रक्षा मंत्रालय की मंत्री एलिस रूफो ने फ्रांस इंफो को बताया कि चर्चा का मुख्य बिंदु योजना में यूक्रेनी सेना पर लगाए गए प्रतिबंध होंगे, जो "उसकी संप्रभुता पर सीमा" हैं। उन्होंने कहा, "यूक्रेन को खुद का बचाव करने में सक्षम होना चाहिए। रूस युद्ध चाहता है और पिछले वर्षों में कई बार युद्ध छेड़ चुका है।"


ट्रंप ने कहा-ये अंतिम प्रस्ताव नहीं

ट्रंप ने शनिवार को व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से कहा कि यह योजना उनका "अंतिम प्रस्ताव" नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं शांति चाहता हूं। यह बहुत पहले हो जाना चाहिए था। रूस-यूक्रेन युद्ध कभी नहीं होना चाहिए था। किसी न किसी तरह, इसे समाप्त करना होगा।" व्हाइट हाउस ने योजना के बारे में स्पष्टीकरण देने से इनकार कर दिया। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड तुस्क ने रविवार को कहा कि वारसॉ यूरोप, कनाडा और जापान के नेताओं के साथ योजना पर काम करने को तैयार है, लेकिन "यह जानना अच्छा होगा कि योजना का लेखक कौन है और यह कहां बनी।" 

 

रूबियो ने कहा-योजना नहीं,रूस की इच्छा सूची

कुछ अमेरिकी सांसदों ने शनिवार को कहा कि रुबियो ने उन्हें योजना को रूसी "इच्छा सूची" बताया था, न कि वाशिंगटन-नेतृत्व वाली। मेन के निर्दलीय सीनेटर एंगस किंग ने कहा कि रुबियो ने स्पष्ट किया कि यह "प्रशासन की योजना नहीं, बल्कि रूसियों की इच्छा सूची है।" विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसे "स्पष्ट रूप से झूठा" बताया। रुबियो ने ऑनलाइन सीनेटरों की गलती का संकेत दिया, जबकि उन्होंने खुद को स्रोत बताया। यह विवाद ट्रंप की "अमेरिका फर्स्ट" नीति के कारण अमेरिकी आंतरिक विभाजन को उजागर करता है। यूरोपीय संघ ने शनिवार को योजना को "मसौदा" बताते हुए अतिरिक्त काम की जरूरत पर जोर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक योजना में संशोधन की दिशा में कदम हो सकती है, लेकिन गुरुवार की ट्रंप की समयसीमा दबाव बढ़ा रही है। (भाषा)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Europe से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश