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Russia Ukraine War News : UN और पुतिन यूक्रेन युद्ध में फंसे हुए लोगों को निकालने पर हुए सहमत

Edited by: IndiaTV Hindi Desk Published : Apr 27, 2022 02:20 pm IST, Updated : Apr 27, 2022 02:20 pm IST

वे सैद्धांतिक तौर पर सहमत हुए हैं और अज़ोवस्ताल स्टील परिसर से लोगों को निकालने की कवायद में संयुक्त राष्ट्र और इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेड क्रॉस को शामिल किया जाना चाहिए। 

Russian President Vladimir Putin speaks to U.N. Secretary-General Antonio Guterres during their meet- India TV Hindi
Image Source : AP Russian President Vladimir Putin speaks to U.N. Secretary-General Antonio Guterres during their meeting in the Kremlin

Highlights

  • पुतिन और गुतारेस की बैठक दो घंटे तक चली
  • बृहस्पतिवार को कीव जाएंगे गुतारेस

संयुक्त राष्ट्र :  यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आमने सामने की बैठक हुई। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि वे मारियुपोल शहर में एक इस्पात संयंत्र से लोगों को निकालने की व्यवस्था करने पर सहमत हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफेन दुजारिक ने कहा कि रूसी नेता और संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने मंगलवार को मानवीय सहायता और संघर्ष क्षेत्र यानी मारियुपोल से लोगों को निकालने के प्रस्तावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वे सैद्धांतिक तौर पर सहमत हुए हैं और अज़ोवस्ताल स्टील परिसर से लोगों को निकालने की कवायद में संयुक्त राष्ट्र और इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेड क्रॉस को शामिल किया जाना चाहिए। इस इस्पात संयंत्र में यूक्रेन के रक्षकों ने कड़ा रुख अख्तियार किया हुआ है। 

पुतिन और गुतारेस की बैठक दो घंटे तक चली

दुजारिक ने कहा कि लोगों को निकालने पर संयुक्त राष्ट्र मानवीय कार्यालय और रूसी रक्षा मंत्रालय के साथ चर्चा की जाएगी। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, पुतिन और गुतारेस की बैठक करीब दो घंटे तक चली। वे सफेद रंग की एक लंबी मेज़ पर आमने-सामने बैठे थे जहां सुनहरे रंग के पर्दे डले थे जिनका बॉर्डर लाल रंग का था। मेज़ पर उनके सिवाए कोई नहीं बैठा था। 

इस्पात संयंत्र में फंसे लोगों को निकालने का आग्रह 

गुतारेस ने यूक्रेन में रूस की सैन्य कार्रवाई की आलोचना की और इसे पड़ोसी की क्षेत्र अखंडता का उल्लंघन बताया और रूस से इस्पात संयंत्र में फंसे लोगों को निकालने की अनुमति देने का आग्रह किया। इसके जवाब में पुतिन ने दावा किया कि रूसी बलों ने संयंत्र में फंसे आम नागरिकों को निकालने के लिए मानवीय गलियारे की पेशकश की थी। उन्होंने कहा कि मगर यूक्रेन के रक्षकों ने संयंत्र में आम लोगों को मानव ढाल बनाया हुआ है और उन्हें जाने नहीं दे रहे हैं।  अज़ोवस्ताल स्थल रूसी हमले में पूरी तरह से तबाह हो गया है लेकिन यह मारियुपोल में यूक्रेन के प्रतिरोध का अंतिम क्षेत्र है। इसके जर्जर ढांचों के नीचे करीब दो हजार सैनिक और एक हजार नागरिक छुपे हुए हैं। 

बृहस्पतिवार को कीव जाएंगे गुतारेस 

पुतिन के साथ बैठक के बाद गुतारेस पोलैंड के ज़ेज़ॉ गए जहां वह पोलैंड के राष्ट्रपति एंड्रेज डूडा से मुलाकात करेंगे। वह यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदोमीर ज़ेलेंस्की और विदेश मंत्री दमीत्रो कुलेबा के साथ बैठक के लिए बृहस्पतिवार को कीव जाएंगे और फिर उनकी बैठक पुतिन के साथ होने की उम्मीद है। रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर चढ़ाई की थी और गुतारेस ने रूस पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उल्लंघन का आरोप लगाया था जो विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान करता है। उन्होंने बार-बार दुश्मनी को खत्म करने की अपील की है जिसका कोई असर नहीं हुआ है। 

सुरक्षित और प्रभावी मानवीय गलियारे की जरूरत

गुतारेस ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में कहा था कि नागरिकों को निकालने और सहायता पहुंचाने के लिए सुरक्षित और प्रभावी मानवीय गलियारे की तत्काल जरूरत है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने मानवीय संपर्क समूह स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया था जिसमें रूस, यूक्रेन और संयुक्त राष्ट्र शामिल हो जो सुरक्षित गलियारों को खोलने के मौकों पर गौर करे। दुजारिक ने मारियुपोल से नागरिकों की व्यापक निकासी या गुतारेस के मानवीय संपर्क समूह का कोई ज़िक्र नहीं किया लेकिन इस्पात संयंत्र से लोगों को निकालना अहम कदम होगा। (भाषा)

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