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मुनीर की जिस चापलूसी पर फिदा हुए थे ट्रंप...खुल गया उसका राज, अमेरिका ने बलूचिस्तान खदान के लिए पाक को दिए 1.25 अरब डॉलर

अमेरिकी का यह ऐलान ऐसे समय आया है जब वॉशिंगटन खनिजों की तलाश को और विस्तार देना चाहता है। इस्लामाबाद ने युद्धविराम के लिए डोनाल्ड ट्रम्प को श्रेय दिया और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित भी किया।

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Published : Dec 10, 2025 11:19 pm IST, Updated : Dec 10, 2025 11:19 pm IST
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर के बीच में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट- India TV Hindi
Image Source : PTI पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर के बीच में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।

इस्लामाबाद: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर की जिस चापलूसी पर फिदा हो गए थे, अब उसका राज खुल गया है। दरअसल पाकिस्तान ने अमेरिका के हाथों बलूचिस्तान के प्राकृतिक खजाने की चाबी सौंप दी है। अब ट्रम्प प्रशासन ने पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में रेको डीक तांबा-सोना खदान के लिए अमेरिकी एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट (EXIM) बैंक से 1.25 अरब अमेरिकी डॉलर की फाइनेंसिंग को मंजूरी दी है। 

किस लिए पाकिस्तान का पिछलग्गू हुआ अमेरिका?

अमेरिका बलूचिस्तान के प्राकृतिक खनिजों पर अपना कब्जा जमाने के लिए पाकिस्तान का पिछलग्गू हो गया है। इसीलिए ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर को ह्वाइट हाउस में हाई लंच के लिए आमंत्रित किया था। बलूचिस्तान खनिज-संपन्न लेकिन गरीब यह प्रांत है, जो कि उग्रवाद और विद्रोह से प्रभावित रहा है। बुधवार को एक्स पर पोस्ट किए गए वीडियो संदेश में इस्लामाबाद में अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स नताली बेकर ने कहा कि EXIM बैंक पाकिस्तान के खनन क्षेत्र में सहायता के लिए कुल 2 अरब डॉलर तक का निवेश करेगा। उन्होंने कहा, “मैं यह बताते हुए खुशी महसूस कर रही हूँ कि अमेरिकी एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ने हाल ही में पाकिस्तान के रेको डीक में महत्वपूर्ण खनिजों की खनन गतिविधियों के लिए 1.25 अरब डॉलर की फाइनेंसिंग को मंजूरी दी है।”


पाकिस्तान से क्या-क्या चाहते हैं ट्रंप?

पाकिस्तान से ट्रंप को बलूचिस्तान की खदानों के अलावा और भी बहुत कुछ चाहिए। इनमें से एक ईरान के खिलाफ पाकिस्तान का एयरबेस भी है। अमेरिकी अधिकारी बेकर ने आगे कहा, “आने वाले साल में EXIM की प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग से रेको डीक खदान के निर्माण और संचालन के लिए जरूरी उच्च गुणवत्ता वाले अमेरिकी खनन उपकरण और सेवाओं में 2 अरब डॉलर तक का निवेश आएगा। इससे अमेरिका में लगभग 6,000 और बलूचिस्तान में 7,500 नौकरियाँ पैदा होंगी।” उन्होंने रेको डीक खदान को “ऐसा मॉडल” बताया जो “अमेरिकी निर्यातकों के साथ-साथ स्थानीय पाकिस्तानी समुदायों और साझेदारों को भी लाभ पहुंचाएगा। बेकर ने कहा कि यह पहल ट्रम्प प्रशासन की व्यावसायिक साझेदारियों पर जोर देने की नीति से पूरी तरह मेल खाती है।

बलूचिस्तान में क्या-क्या है?

“ट्रम्प प्रशासन ने पाकिस्तान के साथ ठीक इसी तरह के सौदों को अमेरिकी कूटनीति का केंद्र बिंदु बनाया है। वॉशिंगटन महत्वपूर्ण खनिजों और खनन क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों और उनके पाकिस्तानी समकक्षों के बीच और अधिक समझौतों की उम्मीद रखता है। इस परियोजना को उन्होंने “दोनों देशों में रोजगार और समृद्धि लाने वाला” बताया। बलूचिस्तान प्रांत में स्थित रेको डीक एक प्रमुख तांबा-सोना खदान है जिसमें अभी तक विकसित न किए गए विशाल भंडार हैं। बैर्रिक गोल्ड माइनिंग कंपनी और पाकिस्तान की संघीय तथा बलूचिस्तान प्रांतीय सरकारों के बीच साझेदारी तय हो चुकी है, जिसका लक्ष्य 2028 में पहला उत्पादन शुरू करना है।  (पीटीआई)

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