1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. US Supreme Court on Gun Culture: गन कल्चर के विरोध में अमेरिकी जनता, पर सुप्रीम कोर्ट का चौंकाने वाला निर्णय, कहा-गन रखना मौलिक अधिकार

US Supreme Court on Gun Culture: गन कल्चर के विरोध में अमेरिकी जनता, पर सुप्रीम कोर्ट का चौंकाने वाला निर्णय, कहा-गन रखना मौलिक अधिकार

 Edited By: Deepak Vyas
 Published : Jun 24, 2022 12:50 pm IST,  Updated : Jun 24, 2022 12:50 pm IST

US Supreme Court on Gun Culture: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ने जो नया आदेश दिया है वह चौंकाने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि गन रखना मौलिक अधिकार है। इस तरह उन्होंने एक सदी पहले बनाए गए न्यूयॉर्क गन कानून को ही रद्द कर दिया है।

US Supreme Court on Gun Culture- India TV Hindi
US Supreme Court on Gun Culture Image Source : ANI FILE PHOTO

US SUpreme Court on Gun Culture: अमेरिका में पिछले दिनों हुई गन फायरिंग की घटना के बाद अमेरिका में इसके विरोध में कई प्रदर्शन हुए। यहां तक कि खुद प्रेसीडेंट जो बाइडन ने ऐसी घटनाओं पर निराशा जाहिर की। क्योंकि गन फायरिंग की घटनाओं पर बंदूक लेकर चलने पर बैन की मांग तेज हो गई थी। इसी बीच अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ने जो नया आदेश दिया है वह चौंकाने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि गन रखना मौलिक अधिकार है। इस तरह उन्होंने एक सदी पहले बनाए गए न्यूयॉर्क गन कानून को ही रद्द कर दिया है। ऐसे समय जब कि गन कल्चर से हिंसा फैल् रही थी, वह भी स्कूली बच्चों द्वारा जो छोटी उम्र के हैं। ऐसे में यह आदेश चौंकाने वाला है। यही कारण है कि कोर्ट के फैसले से अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन नाराज बताए जा रहे हैं। 

गन लेकर चलने पर रोक नहीं लगाई जा सकती: सुप्रीम कोर्ट

इस बीच न्यूयॉर्क स्टेट राइफल एंड पिस्टल एसोसिएशन बनाम ब्रुएन केस पर फैसला सुनाते हुए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अमेरिकियों को गन लेकर चलने पर रोक नहीं लगाई जा सकती। न ही इसमें कोई टर्म जोड़ा जा सकता है। गन लेकर चलना अमेरिकियों का मौलिक अधिकार है।

एक सदी से भी पुराना था गन कानून

इस बीच, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक सदी से भी अधिक समय पहले बनाए गए न्यूयॉर्क गन कानून को रद्द कर दिया। उस कानून के तहत लोग घर के बाहर बगैर लाइसेंस हथियार नहीं ले जा सकते थे। यह गन अधिकारों के लिहाज से बड़ी व्यवस्था है। कोर्ट के न्यायाधीशों का फैसला 6-3 के मत विभाजन के आधार पर आया।

न्यायधीश ने अपने आदेश में कही ये बात

इस बारे में न्यायधीश क्लेरेंस थॉमस ने लिखा, 'न्यूयॉर्क उन आवेदकों को सार्वजनिक रूप से गन लेकर चलने का लाइसेंस जारी करता है, जो आत्मरक्षा के लिए ऐसा करने की मंजूरी मांगते हैं। राज्य की ये लाइसेंसिंग व्यवस्था संविधान का उल्लंघन करती है।' अदालत की व्यवस्था ऐसे समय आई है जब टेक्सास, न्यूयॉर्क और कैलिफोर्निया में हाल ही में हुई सामूहिक गोलीबारी के बाद कांग्रेस हथियार कानून पर सक्रियता से काम कर रही है।

आदेश के बाद शहरों में कानूनी रूप से हैंडगन लेकर चल सकेंगे लोग

इस तरह ये पहली बार है कि पर्सनली गन रखने के संवै​धानिक अधिकार के बारे में कोर्ट ने आदेश दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि गन रखने का यह अधिकार सार्वजनिक जगहों पर हथियार ले जाने की अनुमति भी देता है। इस निर्णय के बाद अब साफ है कि अमेरिका के बड़े शहरों में या अन्य प्रमुख जगहों की सड़कों पर लोग कानूनी रूप से हैंडगन साथ लेकर चल सकेंगे। इनमें न्यूयॉर्क, लॉस एंजिलिस तथा बोस्टन जैसे बड़े शहर शामिल हैं। यह एक दशक से भी अधिक समय में सुप्रीम कोर्ट का गन कल्चर को लेकर पहला निर्णय है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के राष्ट्रपति बाइडन नाराज

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से राष्ट्रपति जो बाइडेन को आपत्ति है। वे नाराज हैं और उन्होंने कहा कि ये बिना कॉमन सेंस के लिया गया निर्णय है। बाइडेन गन कल्चर को खत्म करना चाहते थे। उनका मत था कि या तो गन कल्चर खत्म हो या बंदूक खरीदने की उम्र 18 साल से बढ़ाकर 21 साल कर दी जाए।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश