बिहार में नई सरकार के गठन के बाद हुई दूसरी कैबिनेट की बैठक में राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत मिली है। कैबिनेट ने कुल 19 एजेंडों पर मुहर लगाई, जिसमें सबसे अहम फैसला सरकारी कर्मियों के महंगाई भत्ते यानी DA में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी करना है।
बिहार सरकार ने छठे केंद्रीय वेतनमान में वेतन और पेंशन प्राप्त करने वाले अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 5 प्रतिशत की वृद्धि की है। 252 प्रतिशत की जगह अब 257 प्रतिशत महंगाई भत्ते का भुगतान किया जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 की तारीख से प्रभावी होगी। इस फैसले से राज्य सरकार के सरकारी कर्मियों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा। इस संबंध में कैबिनेट ने वित्त विभाग के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक में महंगाई भत्ते में वृद्धि के अलावा कुल 18 अन्य महत्वपूर्ण सरकारी एजेंडों पर भी निर्णय लिया गया।
बैठक में विभाग के पुनर्गठन और कार्यकुशलता बढ़ाने से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए, जिनमें तीन नए विभागों का गठन प्रमुख है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि जिन नए विभागों के गठन को मंजूरी दी गई है उनमें युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और नागर विमानन विभाग शामिल हैं।
नए विभागों के गठन के साथ तीन मौजूदा विभागों के नाम भी बदले गए। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग का नाम अब डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग होगा। श्रम संसाधन विभाग को श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के नाम से जाना जाएगा, जबकि ‘कला, संस्कृति एवं युवा विभाग’ का नया नाम ‘कला एवं संस्कृति विभाग’ कर दिया गया है।
चौधरी ने बताया कि प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए दो नए निदेशालयों के गठन को भी स्वीकृति दी गई। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय को स्थापित किया गया है। वहीं खान एवं भू-तत्व निदेशालय का पुनर्गठन करते हुए उसे दो अलग-अलग निदेशालयों (खान निदेशालय और अन्वेषण निदेशालय) में विभाजित किया गया है।
वहीं, मंत्रिमंडल ने गया और मुंगेर को नए नागरिक सुरक्षा जिला के रूप में अधिसूचित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इससे पहले राज्य में 28 जिले नागरिक सुरक्षा जिला के रूप में स्वीकृत हैं। दो नए जिलों को शामिल करने के लिए कुल 14 नए पदों के सृजन की स्वीकृति भी प्रदान की गई है। (भाषा इनपुट के साथ)
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