बिहार में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। चुनाव आयोग की ओर से ऐलान कर दिया गया है कि बिहार में 6 और 11 नवंबर को वोटिंग होगी और 14 नवंबर को परिणाम आएंगे। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने जमीन पर उतरकर अपना चुनावी अभियान तेज कर दिया है। ऐसे समय में राज्य की राजा पाकर सीट भी लोगों के बीच चर्चा का विषय है। आइए जानते हैं कि इस सीट पर चुनावी समीकरण क्या है और कौन सी पार्टी भारी है।
राजा पाकर विधानसभा सीट बिहार के 243 विधानसभा में से एक है। इसका निर्वाचन क्षेत्र संख्या 127 है। आपको बता दें कि राजा पाकर विधानसभा सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित सीट है। ये सीट बिहार के वैशाली जिले का हिस्सा है और हाजीपुर संसदीय क्षेत्र के तहत आता है। इस सीट से अभी कांग्रेस की प्रतिमा कुमारी दास विधायक हैं।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 2020 के बिहार चुनाव के दौरान राजा पाकर विधानसभा सीट पर कुल वोटर्स की संख्या 2,72,256 थी। इनमें 1,46,949 पुरुष, 1,25,293 महिला और 14 थर्ड जेंडर थे।राजा पाकर सीट एक ग्रामीण क्षेत्र है। इस सीट पर करीब 22 फीसदी अनुसूचित जाति के मतदाता और 6 फीसदी मुस्लिम वोटर्स हैं।
राजा पाकर विधानसभा सीट पर आगामी 6 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में वोटिंग होगी। चुनाव का परिणाम 14 नवंबर को घोषित किया जाएगा।
राजा पाकर विधानसभा क्षेत्र का गठन साल 2008 में किया गया था। इसके बाद हुए तीन चुनावों जदयू, राजद और कांग्रेस तीनों को एक-एक बार जीत मिली है।
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