पटना: बिहार विधानसभा का सत्र एक दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। संसदीय कार्य विभाग ने सत्र के आयोजन की तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में संसदीय कार्य विभाग के प्रस्ताव पर सहमति दी गयी। 18वीं विधानसभा के गठन के बाद यह पहला सत्र होगा।
पहले सत्र में क्या-क्या होगा?
- संसदीय कार्य विभाग के अनुसार सत्र के दौरान पांच बैठकें होंगी। सत्र के प्रारंभ में एक दिसंबर को प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव नवनिर्वाचित सभी 243 विधायकों को शपथ दिलाएंगे।
- इसके बाद दो दिसंबर को नए विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा।
- 3 दिसंबर को 11:30 बजे पूर्वाहन में बिहार विधान मंडल के विस्तारित भवन के सेन्ट्रल हॉल में बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राज्यपाल का अभिभाषण होगा
- 4 दिसंबर को राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर वाद-विवाद एवं सरकार का उत्तर होगा अधिकारियों के अनुसार सत्र के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां की जा रही हैं।

कैबिनेट की पहली बैठक, पांच साल में युवाओं को एक करोड़ नौकरियां देने का फैसला
नीतीश कैबिनेट ने मंगलवार को अपनी पहली बैठक की और अगले पांच साल में राज्य के युवाओं को एक करोड़ नौकरियां देने का फैसला किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक के बाद मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने और उद्योगों के विस्तार को नई दिशा देने के लिए तेजी से पहल शुरू कर दी है।
उद्योगों को बढ़ावा देने पर भी जोर
सरकार का दावा है कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराया गया, जबकि अगले पांच वर्षों (2025-30) में एक करोड़ युवाओं को नौकरी व रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद उद्योगों को बढ़ावा देने और अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कार्यों में तेजी लाई गई है। उन्होंने कहा कि बदलते बिहार की विकास गति को बल देने के लिए राज्य में प्रौद्योगिकी एवं सेवा आधारित नवाचारों पर आधारित ‘न्यू ऐज इकोनॉमी’ के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है।
सोनपुर और सीतामढ़ी में ‘ग्रीन टाउनशिप’
मुख्य सचिव ने बताया कि इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जो समिति बनेगी उसमें बिहार से संबंध रखने वाले विभिन्न क्षेत्रों के अग्रणी उद्यमियों, विशेषज्ञों आदि से सुझाव प्राप्त कर नीतियां और योजनाएं बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना और बंद पड़ी पुरानी चीनी मिलों को पुनः चालू करने के लिए भी नीति और कार्ययोजना बनाई गई है। उन्होंने बताया राज्य में शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए नौ प्रमंडलीय शहरों के साथ साथ सोनपुर और सीतामढ़ी में ‘ग्रीन टाउनशिप’ विकसित की जाएगी।