Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बयानबाजी तेज है। सभी पार्टी के नेता चुनावी रैली करने में लगे हुए हैं। बीजेपी और एनडीए घटक दल के नेता लालू के जंगलराज पर निशाना साध रहे हैं। वहीं, आरजेडी बीजेपी को सीधे तौर पर निशाने पर ले रही है। महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव आज सारण में चुनावी रैली करेंगे। इससे पहले तेजस्वी ने कटिहार में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सत्ता में आई तो वक्फ अधिनियम को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा। इसके बाद से बिहार चुनाव की बयानबाजी और भी ज्यादा गर्मा गई है। वहीं, चिराग पासवान समेत अन्य नेता छठ की पूजा में शामिल होकर छठी मैया से जीत का आशीर्वाद मांग रहे हैं।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सोमवार (27 अक्टूबर) को "पार्टी विरोधी गतिविधियों" के आरोप में 27 नेताओं को छह साल की अवधि के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। पार्टी के राज्य मुख्यालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कई नेताओं द्वारा स्वतंत्र उम्मीदवारों के रूप में चुनाव लड़ने या विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में आधिकारिक राजद उम्मीदवारों का विरोध करने की रिपोर्ट मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, "सबसे बड़ा सवाल यह है कि चुनाव आयोग ऐसे समय में एसआईआर कराने की जल्दी में क्यों है जब बिहार जैसे बड़े राज्य में चुनाव चल रहे हैं? क्या वे 14 नवंबर के बाद एसआईआर शुरू नहीं कर सकते? वे चाहते हैं कि राजनीतिक दल चुनाव में व्यस्त रहें, इस बीच चुनाव आयोग उनके व्यवसाय का फायदा उठाएगा और एसआईआर लागू करेगा। एसआईआर वास्तव में एसआईआर नहीं है, बल्कि एक एनआरसी है, जिसे भारत सरकार चाहती थी। यही कारण है कि हम हमेशा कहते हैं कि चुनाव आयोग, भाजपा और केंद्र सरकार संयुक्त रूप से इसमें शामिल हैं।"
बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने तेजस्वी यादव के कूड़ेदान वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''वह अब महागठबंधन के सीएम चेहरे हैं और उन्हें ऐसे बयान देने से पहले कानून को समझना चाहिए।''
राजद नेता तेजस्वी यादव के बयान पर भाजपा सांसद जगदम्बिका पॉल ने कहा, "वक्फ का कानून भारत की संसद से पारित हुआ है। उस पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर हो चुके हैं। देश के द्वारा कानून बनाने का अधिकार लोकसभा और राज्यसभा को है। उसके द्वारा पारित कानून को लेकिन यदि तेजस्वी यादव कह रहे हैं कि वे सरकार में आने पर उसे कूड़ेदान में फेंक देंगे तो ये भारत के संविधान, लोकतंत्र, भारत की लोकसभा व राज्यसभा का अपमान है। वे (तेजस्वी यादव) तो वक्फ कानून को कूड़ेदान में नहीं फेक पाएंगे लेकिन जनता जरूर उन्हें कूड़ेदान में पहुंचा देगी।"
जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर कहा, "वे मेरे मित्र हैं तो उन्हें मेरा सुझाव है कि वे पहले हैदराबाद संभालें और हैदराबाद में अपना किला संभाले, बेमतलब पूर्वांचल में आकर और कंफ्यूजन पैदा ना करें।"
बांका जिले के अमरपुर विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन के प्रत्याशी जितेन्द्र सिंह पर आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला सामने आया है। अमरपुर की अंचलाधिकारी रजनी कुमारी ने अमरपुर थाना में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि जितेन्द्र सिंह ने हरिकुसुम भगत कॉलेज परिसर में बिना प्रशासनिक अनुमति के चुनावी सभा का आयोजन किया। इसे निर्वाचन आयोग द्वारा लागू आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन माना जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, "मैं बिहार और देश के सभी लोगों को छठ की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। छठ के इस महापर्व के साथ-साथ हमारे राज्य में लोकतंत्र का महापर्व भी चल रहा है। मेरी कामना है कि आने वाले समय में बिहार को वो सारी विकसित सुविधाएं मिलें जिनकी कल्पना प्रधानमंत्री ने की है, जिनकी हमने कल्पना की है। छठी मैया हमें आशीर्वाद दें ताकि हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। ऐसा समझा जा रहा है कि बिहार की जनता ने मन बना लिया है कि इस बार हम (एनडीए) बड़ी जीत के साथ बिहार में सरकार बनाने जा रहे हैं।"
जनशक्ति जनता दल प्रमुख तेज प्रताप यादव ने बिहार के लोगों को छठ पूजा की शुभकामनाएं दीं। जब उनसे पूछा गया कि अगर उनके कुछ उम्मीदवार जीत जाते हैं तो क्या वह राजद में वापसी करेंगे, तो उन्होंने कहा, "नहीं, यह झूठ है। मैं इसका खंडन करता हूं। यह झूठ है। जिसने भी यह कहा है, वह गलत है।"
बिहार की राघोपुर सीट से आरजेडी उम्मीदवार और तेजस्वी यादव के बयान पर दानापुर विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार रामकृपाल यादव ने कहा, "तेजस्वी यादव का सपना कभी पूरा नहीं होगा। बिहार के लोग पहले ही आरजेडी के पिछले शासन को देख चुके हैं। पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार ने राज्य के विकास के लिए लगातार काम किया है, और उनके प्रयासों को जनता ने मान्यता दी है। प्रशांत किशोर इस चुनाव में बुरी तरह विफल होंगे। वह सिर्फ अपनी पार्टी के लिए नाम और शोहरत चाहते हैं। बिहार बेसब्री से पीएम मोदी का इंतजार कर रहा है।"
दिल्ली में भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तेजस्वी यादव के वक्फ एक्ट पर दिए बयान पर प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, 'आप अशिक्षित होकर ऐसे बयान देते हैं। वक्फ बिल संसद में पास हो चुका है और सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे रोका नहीं है।'
तेजस्वी यादव के 'वक्फ बिल' वाले बयान पर आरएलडी नेता मलूक नागर ने भी उन्हें घेरा है। आरएलडी ने कहा, 'या तो उन्होंने गहन अध्ययन नहीं किया है, या उन्हें जानकारी नहीं है, या फिर वे जनता को गुमराह कर रहे हैं। बिल का 99% हिस्सा गरीब, पिछड़े, आम और दलित मुसलमानों के पक्ष में था और अगर 1% भी गुंजाइश थी, तो सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप किया और इसमें निर्देश दिए। अगर आप कह रहे हैं कि हम इसे (वक्फ बिल) कूड़ेदान में फेंक देंगे, तो आप देश के संघीय ढांचे को नहीं समझते...क्या हम मान लें कि आप देश के संविधान में विश्वास नहीं करते?'
महागठबंधन कल (मंगलवार) शाम 4.30 बजे अपना घोषणापत्र जारी करेगा। इस घोषणापत्र में महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए कई अहम वादों को रखा जाएगा।
पूरे देश में SIR मुद्दे पर JDU नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, 'भारतीय चुनाव आयोग का यह एक स्वागत योग्य निर्णय है। SIR ने बिहार में बहुत अच्छा काम किया है। इसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए और उद्देश्य स्पष्ट है। कोई भी अवैध मतदाता सूची में शामिल नहीं होना चाहिए और कोई भी वैध वोट छूटना नहीं चाहिए।'
अलीनगर को सीतानगर बनाए जाने के मैथिली ठाकुर के बयान के बाद आरजेडी आगबबूला हो गई है। आरजेडी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि सीतनगर वाली बात कौन बोल रहा ये नफरत की राजनीति बोल रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो नवंबर को पटना में भव्य रोड शो करने वाले हैं। वो एक साथ तीन विधानसभाओं को साधेंगे। खबर है उनका रोड शो पटना एयरपोर्ट से शुरू होकर गांधी मैदान तक हो सकता है। धर्मेंद्र प्रधान ने पीएम के रोड शो को लेकर जायजा भी लिया।
तेजस्वी यादव ने अब वक्फ कानून को उखाड़कर फेंकने का दावा किया है। कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियां भी तेजस्वी के समर्थन में उतर आए हैं।
तेजस्वी यादव आज सारण में धुआंधार चुनाव प्रचार करने जा रहे हैं। तेजस्वी सारण में एक साथ 6 जनसभाएं करेंगे। यहां भी उनके निशाने पर वक्फ कानून होगा, क्योंकि मुस्लिम-यादवों का एकजुट वोट हासिल कर सरकार बनाने की परंपरा बिहार में लालू यादव ने शुरू की थी। उसे ही तेजस्वी सत्ता की संजीवनी मान रहे हैं।
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