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नाम- कैट कुमार, पिता- कैटी बॉस, मां- किटया देवी, बिहार में बिल्ली का भी बना दिया निवास प्रमाण पत्र

बिहार के प्रशासनिक सिस्टम में मौजूद खामियों की गंभीर तस्वीर पेश करता बिल्ली का निवास प्रमाण पत्र इस वक्त सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस तरह के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।

Written By: Pankaj Yadav @ThePankajY
Published : Aug 11, 2025 08:27 am IST, Updated : Aug 11, 2025 08:27 am IST
अंचल कार्यालय ने बना दिया बिल्ली का निवास प्रमाण पत्र- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK AND REPORTER INPUT अंचल कार्यालय ने बना दिया बिल्ली का निवास प्रमाण पत्र

बिहार के रोहतास जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बिल्ली के नाम पर निवास प्रमाण पत्र बनाने का आवेदन दायर किया गया। आवेदन में बिल्ली का नाम ‘कैट कुमार’, पिता का नाम ‘कैटी बॉस’ और माता का नाम ‘कटिया देवी’ दर्ज किया गया है। इतना ही नहीं, आवेदन के साथ लगाई गई तस्वीर भी किसी इंसान की नहीं, बल्कि एक बिल्ली की है। इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और ऑनलाइन सिस्टम की खामियों को फिर से उजागर कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

यह अजीबोगरीब आवेदन 29 जुलाई 2025 को बिहार के RTPS (रियल-टाइम पब्लिक सर्विस) पोर्टल पर दर्ज किया गया था। आवेदन में पता ग्राम अतीमिगंज, वार्ड नंबर 07, पोस्ट महदेवा, थाना नासरीगंज, जिला रोहतास अंकित है। उद्देश्य के तौर पर ‘स्टडी’ लिखा गया है। नासरीगंज अंचल में कार्यरत राजस्व कर्मचारी कौशल पटेल ने जांच में पाया कि आवेदन पूरी तरह से फर्जी है। नाम, पिता और माता का नाम, और फोटो सभी गलत पाए गए।

प्रशासन ने की कार्रवाई

जांच के बाद यह साफ हो गया कि यह आवेदन सरकारी व्यवस्था की छवि को धूमिल करने और ऑनलाइन सेवा प्रणाली का दुरुपयोग करने की कोशिश थी। नासरीगंज थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, षड्यंत्र और तकनीक के दुरुपयोग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल को जांच सौंपी है, ताकि आवेदन डालने वाले IP एड्रेस और मोबाइल नंबर को ट्रैक किया जा सके।

https://getapi.indiatvnews.com/doc/brcco-2025-18001397.pdf

पहले भी सामने आए ऐसे मामले

यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले पटना के मसौढ़ी में ‘डॉग बाबू’ के नाम से निवास प्रमाण पत्र जारी किया गया था, जिसमें पिता का नाम ‘कुत्ता बाबू’ और माता का नाम ‘कुतिया बाबू’ दर्ज था। पूर्वी चंपारण में भोजपुरी अभिनेत्री मोनालिसा की तस्वीर के साथ ‘सोनालिका ट्रैक्टर’ के नाम से आवेदन किया गया था। हाल ही में खगड़िया में ‘भगवान श्रीराम’, ‘सीता’ और ‘कौआ’ के नाम पर भी आवेदन सामने आए थे। इन घटनाओं ने RTPS पोर्टल की सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सिस्टम की खामियां उजागर

इन लगातार हो रहे फर्जी आवेदनों ने बिहार की ई-गवर्नेंस व्यवस्था की कमजोरियों को सामने ला दिया है। विपक्षी दलों ने इसे प्रशासन की नाकामी करार देते हुए तंज कसा है कि जब बिल्लियों और कुत्तों के नाम पर प्रमाण पत्र बन रहे हैं, तो यह सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। प्रशासन ने सभी कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आवेदनों की गहन जांच की जाए और किसी भी चूक के लिए संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे।

सोशल मीडिया पर उड़ा मजाक

यह मामला सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है। लोग मजाकिया अंदाज में कह रहे हैं कि अगर ‘कैट कुमार’ को निवास प्रमाण पत्र मिल सकता है, तो शायद जल्द ही ‘बिल्ली मौसी’ को राशन कार्ड भी मिल जाए। कई यूजर्स ने RTPS सिस्टम को ‘एंटी-वायरस’ की जरूरत बताई है। रोहतास प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

(रोहतास से रंजन सिंह की रिपोर्ट)

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