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भूपेश बघेल को दिवाली पर जेल में बंद बेटे से मिलने की अनुमति नहीं मिली, कहा- 'अमित शाह-पीएम मोदी की कृपा है'

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Oct 20, 2025 10:59 pm IST,  Updated : Oct 20, 2025 10:59 pm IST

भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि उन्हें त्योहारों पर भी बेटे से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। अन्य रिश्तेदारों को भी जेल में उनके बेटे से नहीं मिलने दिया जा रहा है।

bhupesh Baghel- India TV Hindi
भूपेश बघेल Image Source : ANI

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल दिवाली के मौके पर अपने बेटे से नहीं मिल पाए। उनके बेटे चैतन्य कथित शराब घोटाले में आरोपी हैं और जेल में बंद हैं। बूपेश बघेल को बेटे से मिलने की अनुमति नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के कारण उन्हें अनुमति नहीं मिली। दुर्ग में भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है और दावा किया कि उसे त्योहारों के दौरान कैदियों को दिए जाने वाले बुनियादी मुलाकात के अधिकार से वंचित किया जा रहा है।

बघेल ने कहा, "अमित शाह और नरेंद्र मोदी की कृपा से मेरा बेटा जेल में है। कैदियों को रक्षाबंधन, ईद और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान अपने परिवारों से मिलने की अनुमति दी जाती है। लेकिन मुझे इस दिवाली अपने बेटे से मिलने नहीं दिया जा रहा है।"

दिवाली पर मिलने से रोक रही सरकार

कांग्रेस नेता ने आगे याद दिलाया कि पिछली सरकारों के दौरान त्योहारों पर परिवार के मिलने पर कभी रोक नहीं लगाई जाती थी। उन्होंने आगे कहा, "बीस साल पहले, जब मेरे पिता जेल में थे, तो पूरा परिवार दिवाली के दौरान उनसे मिलता था। लेकिन अब मोदी सरकार में ऐसी मुलाकातों पर रोक लगाई जा रही है।" औद्योगिक परियोजनाओं का विरोध करने पर अपने परिवार को निशाना बनाने का सरकार पर आरोप लगाते हुए बघेल ने कहा, "अडानी तमनार में पेड़ काट रहे थे। जब मैंने इसका विरोध किया तो मेरे बेटे को जेल में डाल दिया गया। उसकी गिरफ्तारी का एकमात्र कारण यही है।"

योगी सरकार से की तुलना

बघेल ने अपने बेटे से परिवार की मुलाकातों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाए जाने पर भी निराशा व्यक्त की और कहा कि अन्य रिश्तेदारों को भी उससे मिलने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि छत्तीसगढ़ में दिवाली के दौरान परिवार के सदस्यों को जेल में बंद अपने प्रियजनों से मिलने की अनुमति नहीं है।" बघेल ने मौजूदा हालात की तुलना अपने परिवार में पहले हुई राजनीतिक गिरफ्तारियों से की। उन्होंने कहा, "योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में मेरे पिता को भी मेरी लिखी एक किताब के लिए गिरफ्तार किया गया था। तब भी हमें जेल में उनसे मिलने नहीं दिया गया था। लगता है अब भी वही हो रहा है।"

एक्स पोस्ट में जाहिर की थी निराशा

इससे पहले दिन में एक्स पर एक पोस्ट में कांग्रेस नेता ने लिखा था, "दो दशक पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने बाबूजी को जेल भेज दिया था। लेकिन दिवाली के दिन उनसे मिलने की इजाजत मिली थी। नरेंद्र मोदी और अमित शाह की कृपा से बेटा जेल में है। आज दिवाली है, लेकिन मुझे उनसे मिलने की इजाजत नहीं है। बहरहाल, सभी को दिवाली की शुभकामनाएं।" पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनके बेटे की हिरासत राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है और कहा कि यह इस बात का उदाहरण है कि किस तरह असहमति को दबाया जा रहा है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि 18 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय ने राज्य में कथित करोड़ों रुपये के शराब घोटाले की चल रही जांच के सिलसिले में बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था। (इनपुट-एएनआई)

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